वैशाली में गंगा-गंडक का जलस्तर घटा, फिर भी 92 गांव बाढ़ की चपेट में, 2.98 लाख लोग प्रभावित

वैशाली जिले में गंगा और गंडक नदियों के जलस्तर में कमी के बावजूद 92 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे लगभग 2.98 लाख लोग प्रभावित हैं. जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ स्वच्छता और बीमारियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान दे रहा है. प्रभावित क्षेत्रों में 101 नावों से आवागमन और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है.

Water Level Decrease: वैशाली जिले में गंगा और गंडक नदी के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है. इसके बावजूद जिले के 6 प्रखंडों की 32 पंचायतों के 92 गांव, 2 नगर परिषद क्षेत्र और 12 नगर परिषद वार्ड अब भी बाढ़ प्रभावित हैं. करीब 2,98,800 की आबादी बाढ़ की चपेट में है. जिला प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्यों के साथ अब प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और बीमारियों की रोकथाम पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

101 नावों से जारी है आवागमन और राहत कार्य

बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के आवागमन और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 101 नावों का परिचालन किया जा रहा है. इनमें एक मोटर बोट, 7 सरकारी और 93 निजी नाव शामिल हैं. प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है.

अब तक 47,805 पॉलीथीन शीट और 19,180 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं. इसके अलावा 7 सामुदायिक रसोई संचालित हैं, जहां से प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. सोमवार को 1,380 फूड पैकेट भी वितरित किए गए.

19 स्वास्थ्य शिविरों में 1,946 मरीजों का इलाज

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 19 स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं. सोमवार को इन शिविरों में 1,946 मरीजों का इलाज किया गया. अब तक प्रभावित लोगों के बीच 5,000 मेडिकल किट वितरित किए जा चुके हैं.

जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए सोमवार को 1,195 हैलोजन टैबलेट बांटी गईं. अब तक कुल 14,320 हैलोजन टैबलेट वितरित की जा चुकी हैं. संक्रमण की रोकथाम के लिए सोमवार को 420 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया.

रेवा घाट से गांधी घाट तक घट रहा जलस्तर

जिला प्रशासन के अनुसार गंडक नदी के रेवा घाट, लालगंज और हाजीपुर तथा गंगा नदी के गांधी घाट पर पिछले 12 घंटे में जलस्तर में कमी दर्ज की गई है. वाल्मीकिनगर बराज से 1.09 लाख क्यूसेक जलश्राव दर्ज किया गया है.

प्रशासन के अनुसार सभी प्रमुख तटबंध और स्लूइस गेट सुरक्षित हैं. संवेदनशील स्थानों पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और जलस्तर की निगरानी जारी है.

बीमारी से बचाव को लेकर प्रशासन की अपील

प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों से शुद्ध पेयजल का इस्तेमाल करने और जलजमाव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है. लोगों को बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है.

आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

जिला नियंत्रण कक्ष, वैशाली: 06224-260233, 06224-260234.

अनुमंडल नियंत्रण कक्ष, हाजीपुर: 06224-272215.

अनुमंडल नियंत्रण कक्ष, महनार: 06229-299950.

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By कैफ अहमद

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