Flood Affected Schools: वैशाली जिले में बाढ़ और जलजमाव की स्थिति को देखते हुए छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. जिला पदाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि जिन विद्यालयों के परिसर या भवन में बाढ़ का पानी जमा है अथवा जहां पहुंचने के रास्ते सुरक्षित नहीं हैं, उन विद्यालयों का संचालन तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाए.
प्रभावित विद्यालयों का होगा स्थल निरीक्षण
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रभावित विद्यालयों का प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से स्थल निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया है. प्रशासन की ओर से विद्यालय भवन, परिसर और पहुंच मार्ग की स्थिति की जांच की जाएगी.
जलस्तर घटने के बाद भी विद्यालय परिसरों में कीचड़, गंदगी और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहने की आशंका है. इसे देखते हुए स्कूलों को जल्दबाजी में खोलने के बजाय सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है.
डायरिया, डेंगू और मलेरिया से बचाव पर जोर
बाढ़ के बाद डायरिया, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के खतरे को देखते हुए विद्यालय परिसरों में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है. स्कूलों की साफ-सफाई कराने के साथ आवश्यकतानुसार ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरीन का छिड़काव किया जाएगा.
पेयजल स्रोतों के कीटाणुशोधन के साथ विद्यालय भवनों की सुरक्षा की भी जांच होगी. प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए स्कूल का वातावरण पूरी तरह सुरक्षित हो.
सुरक्षा जांच के बाद ही खुलेगा विद्यालय
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय और वहां तक पहुंचने वाला मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही संचालन शुरू किया जाएगा. स्कूलों को दोबारा खोलने का निर्णय सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा.
24 घंटे में देनी होगी रिपोर्ट
प्रभावित विद्यालयों की प्रखंडवार सूची, उनकी वर्तमान स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर जिला आपदा प्रबंधन शाखा को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन की नजर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति पर लगातार बनी हुई है.
