Child Marriage Free India: वैशाली समेत कई जिलों में बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को संयुक्त राष्ट्र की ओर से 27 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किए जाने से नई मजबूती मिली है. इस फैसले का स्वागत करते हुए स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव डॉ. सुधीर कुमार शुक्ला ने कहा कि भारत से उठी बाल विवाह विरोधी आवाज अब वैश्विक संकल्प बन गयी है.
संस्था के अनुसार, वैशाली में अब तक करीब 750 और विभिन्न जिलों में 2,000 से अधिक बाल विवाह कानूनी हस्तक्षेप के जरिए रुकवाए गए हैं.
प्रेस वार्ता में अभियान की उपलब्धियों की दी जानकारी
हाजीपुर के जीए इंटर स्कूल परिसर स्थित स्काउट गाइड भवन में स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव डॉ. सुधीर कुमार शुक्ला ने प्रेस वार्ता की. उन्होंने कहा कि भारत से उठी बाल विवाह के खिलाफ आवाज अब पूरी दुनिया का संकल्प बन गयी है. उन्होंने कहा कि जब तक किसी गांव का एक भी बच्चा बाल विवाह के खतरे में है, तब तक यह लड़ाई अधूरी है.
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में भारत सरकार ने नागरिक समाज संगठनों के सहयोग से ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान शुरू किया था. उनकी संस्था जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन के रूप में वैशाली, सिवान, बक्सर समेत कई जिलों में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चला रही है. सरकार और प्रशासन के सहयोग से अब तक 2,000 से अधिक बाल विवाह रुकवाए जाने का दावा किया गया.
वैशाली में करीब 750 बाल विवाह रोकने का दावा
भारत स्काउट एवं गाइड वैशाली के जिला संगठन आयुक्त ऋतुराज ने बताया कि वैशाली में करीब 750 बाल विवाह रोके गए हैं. उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड के स्वयंसेवक गांवों और विद्यालयों में जागरूकता अभियान चला रहे हैं.
उन्होंने बाल विवाह उन्मूलन के लिए सरकार, प्रशासन, नागरिक समाज और समुदाय के सामूहिक प्रयास को जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि जागरूकता और सामूहिक भागीदारी के जरिए ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है.
