Hartalika Teej 2026: तीज के गीत, हाथों में मेहंदी और बाजारों में खरीदारी करती महिलाओं की भीड़. हरतालिका तीज से पहले हाजीपुर का बाजार रविवार को कुछ इसी रंग में नजर आया. कपड़े और किराना की दुकानों से लेकर पूजन सामग्री, फल और श्रृंगार प्रसाधन की दुकानों तक देर शाम तक चहल-पहल बनी रही.
पर्व की तैयारियों को लेकर महिलाएं दिनभर जरूरी सामान की खरीदारी में जुटी रहीं. अखंड सुहाग और पति की लंबी उम्र की कामना से जुड़ा हरतालिका तीज का व्रत सोमवार को रखा जायेगा. व्रती महिलाएं पूरे दिन निराहार-निर्जला उपवास करेंगी और मंगलवार को व्रत का पारण करेंगी. तीज के साथ चौथ चंदा पर्व को लेकर भी बाजार में रौनक बढ़ी हुई है.
सुबह घाटों पर जुटीं व्रती महिलाएं
हरतालिका तीज को लेकर सोमवार की सुबह शहर के अलग-अलग घाटों पर स्नान-ध्यान के लिए महिलाओं की भीड़ जुटी. स्नान और पूजा के बाद महिलाओं ने घर पहुंचकर नहाय-खाय का अनुष्ठान किया.
इसके बाद व्रत की आगे की तैयारियों में महिलाएं जुट गईं. पर्व को लेकर घरों में भी सुबह से ही तैयारी शुरू हो गयी. पूजन सामग्री की व्यवस्था से लेकर तीज की पूजा के लिए जरूरी सामान जुटाने का काम चलता रहा. सुहागिन महिलाएं पूरे विधि-विधान के साथ व्रत और पूजा की तैयारी कर रही हैं.
24 घंटे निर्जला उपवास रखेंगी महिलाएं
सनातन धर्म में हरतालिका तीज को महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है. सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए यह व्रत करती हैं. व्रती महिलाएं करीब 24 घंटे तक निराहार-निर्जला रहती हैं. इस दौरान कई महिलाएं रात्रि जागरण भी करती हैं.
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए मां पार्वती ने कठोर तपस्या के साथ हरतालिका तीज का व्रत किया था. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया. इसी मान्यता के कारण सुहागिन महिलाओं के साथ कई जगहों पर कुंवारी लड़कियां भी हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं.
मिट्टी की प्रतिमा बनाकर शिव-पार्वती की पूजा
हरतालिका तीज के दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजा करती हैं. पूजा के दौरान महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करती हैं.
व्रत के साथ पूजा और रात्रि जागरण को भी इस पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. तीज पर मायके पक्ष की ओर से विवाहिता महिलाओं को सिंधारा भेजने की भी परंपरा है. इसमें कपड़े, आभूषण, श्रृंगार सामग्री, मेहंदी और मिठाई समेत अन्य सामान भेजे जाते हैं. इसे लेकर भी परिवारों में खास उत्साह देखने को मिलता है.
तीज से पहले बाजार में बढ़ी चहल-पहल
हरतालिका तीज और चौथ चंदा को लेकर हाजीपुर के बाजार में रविवार को अच्छी भीड़ रही. महिलाओं ने पर्व के लिए कपड़े, पूजन सामग्री, फल और श्रृंगार से जुड़ा सामान खरीदा.
देर शाम तक कई दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही. पर्व नजदीक आने के साथ बाजार की रौनक भी बढ़ती गयी. खासकर महिलाओं से जुड़े श्रृंगार और पूजन सामग्री की दुकानों पर अधिक भीड़ देखने को मिली.
उदया तिथि के अनुसार आज रखा जायेगा व्रत
आचार्य आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि रविवार सुबह 7.08 बजे से शुरू होकर सोमवार सुबह 7.06 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार हरतालिका तीज का व्रत सोमवार को रखा जायेगा. उन्होंने बताया कि इस बार हरतालिका तीज पर रवि योग, इंद्र योग और स्वाति नक्षत्र के साथ विशाखा नक्षत्र भी रहेगा. इन योगों के संयोग से पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है.
सुबह और दोपहर में पूजा का शुभ समय
आचार्य के अनुसार तृतीया तिथि सोमवार की सुबह तक है, लेकिन तिथि चतुर्थी युक्त होने के कारण पूरे दिन और शाम में भी हरतालिका तीज का व्रत-पूजन किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि तीज पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6.05 बजे से 7.06 बजे तक रहेगा. इसके अलावा दोपहर में अभिजीत मुहूर्त 11.52 बजे से 12.41 बजे तक पूजा की जा सकती है.
