Skoch Award 2026: (कैफ अहमद) वैशाली जिले के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि और गौरव लेकर आया. बालिका सशक्तिकरण एवं लैंगिक समानता की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा संचालित अभिनव अभियान जियो नन्ही परी को देश के प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया. नई दिल्ली स्थित पीएचडी हाउस में आयोजित भव्य समारोह में स्कॉच ग्रुप के चेयरमैन समीर कोचर ने जिलाधिकारी वर्षा सिंह को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया.
बिहार से केवल वैशाली का हुआ चयन
इस वर्ष स्कॉच अवार्ड-2026 के लिए बिहार से केवल वैशाली जिले का चयन किया गया. इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है. जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, जीविका, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने इसे वैशाली की सामूहिक उपलब्धि बताया.
बेटियों के सम्मान का बना राष्ट्रीय मॉडल
‘जियो नन्ही परी’ अभियान की शुरुआत बेटियों के प्रति समाज की सोच बदलने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण के उद्देश्य से की गई थी. अभियान के तहत नवजात बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाना, परिवारों को सम्मानित करना तथा बालिकाओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचाई गई. इन प्रयासों ने समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
डीएम वर्षा सिंह बोलीं, यह पूरे वैशाली का सम्मान
पुरस्कार ग्रहण करने के बाद जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि यह सम्मान केवल जिला प्रशासन का नहीं, बल्कि वैशाली जिले के प्रत्येक नागरिक का सम्मान है. उन्होंने कहा कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब बेटियों को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा मिले. उन्होंने बताया कि अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और समाज में बेटियों के प्रति संवेदनशीलता लगातार बढ़ रही है.
सभी सहयोगियों का जताया आभार
डीएम ने इस उपलब्धि के लिए आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों, जीविका दीदियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों तथा जिले की जनता का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान आगे भी बालिका सशक्तिकरण के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा देगा.
वैशाली को मिली नई राष्ट्रीय पहचान
स्कॉच अवार्ड-2026 से सम्मानित होकर वैशाली ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है. यह सम्मान न केवल जिला प्रशासन के नवाचारों की स्वीकृति है, बल्कि यह भी साबित करता है कि जनभागीदारी और सकारात्मक सोच के साथ किए गए प्रयास देशभर के लिए मिसाल बन सकते हैं. यह उपलब्धि पूरे वैशाली जिले के लिए गर्व, प्रेरणा और सम्मान का विषय बन गई है.
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