Hajipur News : हाजीपुर के पातेपुर थाना क्षेत्र के सिमरवारा चौक स्थित कथित रूप से बिना निबंधन संचालित नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गयी. मृतका की पहचान सिमरवारा गांव निवासी उमेश महतो की 40 वर्षीय पत्नी रीता देवी के रूप में हुई है. महिला की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय ग्रामीण मौके पर जुट गये. आक्रोशित लोगों ने नर्सिंग होम में तोड़फोड़ शुरू कर दी.
घटना की सूचना मिलने पर पातेपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाकर शांत कराया. इस दौरान डभैच्छ-रमौली मार्ग पर करीब पांच घंटे तक आवागमन बाधित रहा. बाद में स्थानीय लोगों की पहल पर आपसी समझौते के बाद मामला शांत हुआ.
तेज बुखार होने पर कराया था भर्ती
मृतका के परिजनों के अनुसार मंगलवार की सुबह रीता देवी को सिर में दर्द और तेज बुखार था. इसके बाद परिजन उसे सिमरवारा चौक स्थित आयुष मेडिकल हॉल सह आयुष क्लिनिक में दिखाने के लिए ले गये. परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने जांच के बाद रीता देवी को एक इंजेक्शन लगाया. इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही उसका शरीर ठंडा पड़ने लगा. जब तक परिजन कुछ समझ पाते, उसकी मौत हो गयी.
परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला की मौत के बाद डॉक्टर मौके से चला गया. इसके बाद घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर जुट गये तथा हंगामा शुरू कर दिया. आक्रोशित लोगों ने क्लिनिक के काउंटर और शीशे आदि में तोड़फोड़ की.
मुआवजे की मांग पर अड़े थे परिजन
घटना की जानकारी मिलने पर थानाध्यक्ष रौशन कुमार और अपर थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडेय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. बढ़ती भीड़ को देखते हुए डायल-112 की पुलिस को भी बुलाया गया. इस दौरान लोग नर्सिंग होम संचालक से मुआवजे की मांग कर रहे थे.
स्थानीय लोगों की पहल पर करीब पांच घंटे बाद नर्सिंग होम संचालक और परिजनों के बीच आपसी समझौता हुआ. मुआवजा मिलने के बाद लोग शांत हुए. इसके बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराये बिना ही उसे अपने घर ले गये.
पुलिस ने बताया, पोस्टमार्टम से किया इनकार
थानाध्यक्ष रौशन कुमार ने बताया कि सिमरवारा चौक स्थित एक नर्सिंग होम में इलाज के दौरान महिला की मौत और हंगामे की सूचना मिली थी. पुलिस मौके पर गयी थी. परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया. इसके बाद पुलिस वापस लौट गयी.
