hajipur news. सालभर में निबंधित 335 में से 311 मामलों का वन स्टॉप सेंटर ने किया निराकरण

हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मनोवैज्ञानिक एवं कानूनी परामर्श प्रदान करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास निगम, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा जिला प्रशासन, वैशाली के तत्वाधान में सखी वन स्टाॅप सेंटर

हाजीपुर. हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मनोवैज्ञानिक एवं कानूनी परामर्श प्रदान करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास निगम, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा जिला प्रशासन, वैशाली के तत्वाधान में सखी वन स्टाॅप सेंटर का संचालन किया जा रहा है. वन स्टाॅप सेंटर महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक व उनके साथ हो रही विभिन्न प्रकार की हिंसा के खिलाफ मदद करता है. वन स्टाप सेन्टर द्वारा हिंसा की शिकार महिलाओं तक पहुंचने की कोशिश की जाती है. इस सेंटर के द्वारा महिलाओं की विभिन्न समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है. पिछले एक वर्ष के आंकड़़ों के अनुसार सेंटर द्वारा निबंधत 335 मामलों में से 311 का निष्पादन किया जा चुका है.

कौन हो सकती हैं लाभार्थी

यौन शोषण, उत्पीड़न एवं सामाजिक प्रताड़ना की शिकार कोई भी महिला वन स्टाप सेन्टर से निःशुल्क मदद प्राप्त कर सकती है. सहयोग केवल दीवानी मामलों तक सीमित है.

किन मामलों में होगी शिकायत

दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह, छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, डायन या अन्य किसी प्रकार की प्रताड़ना, मानव व्यापार की पीड़िता, जबरन कराए गये बेमेल विवाह आदि की शिकायतें वन स्टाप सेन्टर कार्यालय से की जा सकती है.

क्या मिलेगी सहायता

मनोवैज्ञानिक सहायता- शोषण, उत्पीड़न, अत्याचार से पीड़ित महिलाओं को प्रशिक्षित एवं अनुभवी केस वर्कर एवं काउंसलर के द्वारा परामर्श दी जाती है. पीड़िताओं को मानसिक ट्रामा की स्थिति से बाहर आकर सामान्य होने में मदद की जाती है. वन स्टाप सेन्टर कार्यालय में नियमित रूप से 02 केस वर्कर एवं 01 परामर्शी की सुविधा रही है, जो आवश्यकतानुसार महिलाओं को सहयोग देते हैं. महिला काउंसलर यथा संभव महिलाओं को, जबकि पुरुष काउंसलर प्रतिवादी पुरुष को परामर्श सहयोग देते हैं.

वन स्टाप सेन्टर में आए हुए घरेलू हिंसा के शिकायत मामलों में दोनों पक्षों के बीच सुलह समझौता नहीं होने की स्थिति में उक्त वाद को घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत न्यायिक कार्यवाही हेतु केंद्र प्रशासक, वन स्टाप सेंटर द्वारा न्यायालय के समक्ष सक्षम प्राधिकार के माध्यम से समर्पित की जाती है. विदित हो की वित्तीय वर्ष अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक विभिन्न वादों में कुल दर्ज वाद की संख्या 335 एवं निष्पादन वाद की संख्या 311 रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >