Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर बिहार के विभिन्न इलाकों में दिखाई देने लगा है. इसे लेकर वैशाली जिले में भी लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है. सोशल मीडिया पर नेपाल और चीन में बाढ़ की भयावह तस्वीरें और वीडियो तेजी से प्रसारित होने से लोगों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है.
सोशल मीडिया की अफवाहों से बढ़ा डर, प्रशासन अलर्ट मोड में
सरकारी स्तर पर जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों के कारण भी लोग सतर्क हैं. हालांकि, जिला प्रशासन ने किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही तैयारियां तेज कर दी है. प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक के अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखा गया है. बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की टीम, पुलिस बल और अन्य आवश्यक संसाधनों को संवेदनशील तटबंधों पर तैनात किया गया है.
तटबंधों पर रात्रि गश्ती और माइकिंग से जागरूकता
लालगंज प्रखंड क्षेत्र में भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. विभिन्न तटबंधों पर बीडीओ, सीओ, जल संसाधन विभाग के अधिकारी और पुलिस पदाधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं. तटबंधों पर रात्रि गश्ती के साथ जनरेटर की व्यवस्था कर रातभर निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके. प्रशासन की ओर से गांवों, घरों और मोहल्लों में माइकिंग के माध्यम से लोगों को संभावित बाढ़ और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है. अधिकारियों का उद्देश्य है कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही लोगों को आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया जा सके.
गंडक नदी का जलस्तर स्थिर, स्थिति पूरी तरह सामान्य
गुरुवार तक लालगंज क्षेत्र में गंडक नदी के जलस्तर में किसी तरह की वृद्धि दर्ज नहीं की गई है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है. हालांकि, बाढ़ की आशंका की खबर के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह से लेकर देर रात तक तिरहुत तटबंध पर पहुंचकर नदी और जलस्तर की स्थिति का जायजा लेते नजर आए.
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील, पैनिक न हों लोग
इस संबंध में लालगंज के अंचल अधिकारी विश्वजीत सिंह ने बताया कि बसंता जहानाबाद पंचायत के विभिन्न स्थानों के साथ-साथ लालगंज के खंजहाचक क्षेत्र में प्रशासनिक और बचाव दल की टीमें सक्रिय हैं. इन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया पर प्रसारित भयावह वीडियो देखकर घबराने से बचने की अपील की. सीओ ने कहा कि फिलहाल लालगंज में स्थिति सामान्य है और लोगों को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है. इन्होंने बताया कि बीते बुधवार की रात करीब 150 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी मिली थी, लेकिन गुरुवार की सुबह से शाम तक जलस्तर घटने के क्रम में रहा. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात सूचना के लिए प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.
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