hajipur news. बाढ़ के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे मेडिकल कैंप

बाढ़ आने पर प्रभावित क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी की गयी है, नदियों का जल स्तर बढ़ने से बाढ़ आने की आशंंका बनी हुई है

हाजीपुर. बाढ़ आने पर प्रभावित क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी की गयी है. नदियों का जल स्तर बढ़ने से बाढ़ आने की आशंंका बनी हुई है. गंगा और गंडक नदी में उफान आने पर जिले के अनेक इलाकों में बाढ़ आ जाती है. उफनती नदियों ने बाढ़ के खतरे को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में, जिले में संभावित बाढ़ और बाढ़ग्रस्त इलाकों में महामारी फैलने की स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारी की है. खासकर गर्भवती महिलाओं के प्रसव और गंभीर हालत में रोगियों के इलाज में बाधा नहीं पहुंचे, इस पर विशेष ध्यान देते हुए जरूरी इंतजाम किये गये हैं. सिविल सर्जन डा. श्यामनंदन प्रसाद ने बताया कि जिले में बाढ़-सुखाड़ जैसी आपदा और इससे उत्पन्न होने वाली महामारी की स्थिति में प्रभावित लोगों के उपचार के लिए अस्थायी चिकित्सा शिविरों की कार्ययोजना तैयार कर ली गयी है. इसके अलावा चलंत मेडिकल कैंपों का भी गठन किया गया है.

20 अस्थायी तथा सात चलंत चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था

सिविल सर्जन श्यामनंदन प्रसाद ने बताया कि जिले के छह प्रखंडों में कुल 27 मेडिकल कैंपों की तैयारी की गयी है. इनमें 20 अस्थायी तथा सात चलंत चिकित्सा शिविर होंगे. जिले के राघोपुर प्रखंड में सबसे अधिक आठ अस्थायी चिकित्सा शिविर होंगे. बिदुपुर प्रखंड में चार, महनार प्रखंड में तीन, देसरी में तीन तथा सदर प्रखंड में दो अस्थायी चिकित्सा शिविर की तैयारी है. वहीं, सात चलंत चिकित्सा शिविरों में राघोपुर प्रखंड में दो, सहदेई बुजुर्ग में एक, देसरी में एक, बिदुपुर में और सदर प्रखंड में दो चलंत चिकित्सा शिविर होंगे. इस तरह जिले के 16 में से छह प्रखंडों में मेडिकल कैंप की तैयारी की गयी है. इनमें महनार प्रखंड में सिर्फ अस्थायी चिकित्सा शिविर एवं सहदेई बुजुर्ग प्रखंड में सिर्फ चलंत चिकित्सा शिविर की व्यवस्था की गयी है.

स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध करायी गयीं जरूरी दवाएं

बाढ़ के दौरान चिकित्सा शिविरों में दवाओं की कमी नहीं हो, इसके लिए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा दी गयी हैं. बाढ़ आने के बाद पानी उतरने पर महामारी फैलने की संभावना होती है. इससे बचाव के लिए ब्लीचिंग पाउडर के अलावा सर्पदंश व कुत्ता काटने तथा उल्टी, दस्त, बुखार, डायरिया, पीलिया समेत अन्य बाढ़जनित बीमारियों के उपचार के लिए दवाएं उपलब्ध करायी गयी हैं. अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि सभी चिकित्सा शिविरों में एंटी स्नेक वेनम, एंटी रैबीज वैक्सीन, जिंक सल्फेट, हैलोजन टैबलेट, ओआरएस, पेरासिटामोल, मेट्रोनिडाजोल स्लाइन, नॉर्मल स्लाइन आरएल, डेक्सट्रोज, डीएनएस, एल्बेंडाजोल, सेफॉक्जिन, सिप्रोफ्लोक्सासिन, डोमेपेरिडोन, माइकोनाजोल, ओफ्लोक्सासिन, बच्चों के एंटीबायोटिक, डेक्सामेथासोन, स्लाइन सेट, चर्म रोग की दवा समेत सभी जरूरी इंजेक्शन, स्लाइन व दवाएं उपलब्ध करायी गयी हैं.

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