Land Registry Hajipur: अगर आप वैशाली जिले में जमीन खरीदने, बेचने या रजिस्ट्री कराने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में जमीन की सरकारी न्यूनतम कीमत (Minimum Value Register-MVR) में संशोधन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है.
बैठक में तय किया गया कि अब जमीन की सरकारी दरें सड़क की श्रेणी (रोड कैटेगरी) और इलाके के विकास के आधार पर निर्धारित की जाएंगी. इसके साथ ही शहर के विस्तार के बाद विकसित हुए नए पेरिफेरल (बाहरी) क्षेत्रों को भी एमवीआर में शामिल किया जाएगा.
2014 की तुलना में दोगुनी हो सकती है सरकारी दर
प्रस्ताव के अनुसार, नए विकसित पेरिफेरल क्षेत्रों की सरकारी न्यूनतम कीमत वर्ष 2014 की दरों की तुलना में लगभग दोगुनी की जा सकती है. इसके अलावा पुराने भूमि वर्गीकरण में बदलाव कर नई श्रेणियां भी बनाई जाएंगी, ताकि जमीन का मूल्यांकन वर्तमान विकास के अनुरूप हो सके.
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
जमीन की रजिस्ट्री पर लगने वाला स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ सकता है.
जमीन खरीदने की लागत पहले की तुलना में अधिक हो सकती है.
जिन लोगों के पास पहले से जमीन है, उनकी संपत्ति की सरकारी कीमत बढ़ने से भविष्य में बेहतर मूल्य मिलने की संभावना रहेगी.
सड़क और इलाके के अनुसार दर तय होने से सरकारी मूल्यांकन अधिक पारदर्शी और वास्तविक होगा.
कब से लागू होंगी नई दरें?
फिलहाल जिला मूल्यांकन समिति ने केवल प्रस्तावों पर सहमति दी है. इसके बाद प्रस्ताव विभागीय प्रक्रिया से गुजरेंगे. राज्य सरकार से अंतिम स्वीकृति और अधिसूचना जारी होने के बाद ही नई एमवीआर दरें प्रभावी होंगी.
जिला प्रशासन ने अभी नई दरें लागू करने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है. हालांकि राज्य स्तर पर एमवीआर संशोधन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अधिसूचना जारी होने के बाद नई दरें लागू कर दी जाएंगी.
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