Hajipur News (कैफ अहमद) : शनिवार को शहर समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सुहागिन महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ वट सावित्री पूजा की. सुबह से ही महिलाएं सज-धज कर वट वृक्ष (बरगद) के पास पहुंचीं और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की. इस दौरान महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर कच्चा धागा बांधा तथा अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की.
शहर की विभिन्न मंदिरों में हो रही पूजा
शहर के बाजार समिति, यादव चौक, मीनापुर, शाही कॉलोनी, दिग्घी समेत मंदिरों और वट वृक्षों के आसपास पूजा की गई. महिलाओं ने पूजा के दौरान फल, फूल, मिठाई, भीगा चना, पंखा और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की. कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह बनाकर सावित्री और सत्यवान की कथा भी सुनी.
हिंदू धर्म में वट सावित्री पूजा का विशेष महत्व
वट सावित्री व्रत में माता सावित्री ने अपने तप, समर्पण और दृढ़ संकल्प से अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस प्राप्त किए थे. तभी से यह व्रत पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए किया जाता है. वट वृक्ष को भीदीर्घायु और जीवनदायी माना गया है, इसलिए इसकी पूजा का विशेष महत्व बताया गया है.
व्रतियों ने गाए पारंपरिक गीत
पंडितों के अनुसार वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है. वट सावित्री पूजा करने से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और वैवाहिक जीवन में मजबूती आती है. इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक गीत भी गाए और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की.
