Hajipur News: (विनय पटेल) निर्माणाधीन 33 केवी नगवां विद्युत लाइन को जीएसएस से जोड़ने और मेंटेनेंस कार्य को लेकर सोमवार को घोषित चार घंटे की बिजली कटौती लोगों के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई. विभाग ने सुबह छह बजे से दस बजे तक बिजली बाधित रहने की सूचना दी थी, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी. परिणामस्वरूप छह घंटे से अधिक समय तक पूरे प्रखंड क्षेत्र में बिजली के लिए हाहाकार मचा रहा.
भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली गुल रहने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पंखे, कूलर और पानी मोटर बंद पड़ते ही घर भट्ठी की तरह तपने लगे। जिन घरों में इनवर्टर की सुविधा नहीं थी, वहां लोग घर छोड़कर पेड़ों की छांव में शरण लेने को मजबूर दिखे. बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक परेशान नजर आए.
जलापूर्ति व्यवस्था भी हुई प्रभावित
बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ा। बिजली नहीं रहने के कारण नल-जल योजना पूरी तरह ठप हो गई, जिससे टोला-मोहल्लों में पानी की सप्लाई बंद हो गई। घरों में लगी पानी की टंकियां खाली हो गईं। वहीं जो पानी बचा था, वह तेज धूप के कारण गर्म हो गया, जिससे लोगों को उपयोग में भी परेशानी हुई.
बिना तैयारी के शुरू किया गया कार्य: स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संवेदक द्वारा बिना समुचित तैयारी और प्लानिंग के मेंटेनेंस कार्य शुरू कर दिया गया। जानकारी के अनुसार कार्य पूरा करने के लिए केवल चार घंटे का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन तय समय में काम पूरा नहीं हो सका. नतीजतन चार घंटे का शटडाउन बढ़कर छह घंटे से अधिक हो गया और उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ी.
विभाग के खिलाफ लोगों में नाराजगी
विद्युत विभाग ने रविवार को ही उपभोक्ताओं को चार घंटे बिजली बाधित रहने की सूचना दी थी. लेकिन तय समय से काफी देर बाद बिजली बहाल होने पर लोगों में विभाग और संवेदक के खिलाफ नाराजगी साफ दिखाई दी. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में मेंटेनेंस कार्य के दौरान बेहतर योजना और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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