Hajipur Muharram News: (कैफ अहमद) मोहर्रम की दसवीं यानी आशूरा के अवसर पर शुक्रवार को शिया समुदाय के लोगों ने गम और अकीदत के साथ हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया. गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र के नवादा से पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए.
या हुसैन’ की सदाओं के बीच निकला मातमी जुलूस
जुलूस में शामिल अकीदतमंद “या हुसैन” और “लबैक या हुसैन” की सदाओं के बीच मातम करते हुए जढ़ुआ स्थित ऐतिहासिक कर्बला मैदान पहुंचे. वहां पहुंचकर लोगों ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में सीना-ज़नी और जंजीरी मातम किया. मातमी माहौल में कर्बला की कुर्बानी को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
ज़ुलजनाह के प्रतीक सफेद घोड़े ने खींचा लोगों का ध्यान
जुलूस का सबसे बड़ा आकर्षण सफेद घोड़ा रहा, जिसे इमाम हुसैन के घोड़े ज़ुलजनाह के प्रतीक के रूप में सजाया गया था. श्रद्धालु बड़ी संख्या में उसे देखने पहुंचे और अकीदत के साथ नमन किया. कर्बला मैदान में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ आयोजन
कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कर्बला मैदान और जुलूस मार्ग पर पुलिस एवं प्रशासन की व्यापक तैनाती की गई थी. कर्बला मैदान परिसर में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) कुंदन कुमार, नगर परिषद के सिटी मैनेजर दीपक कुमार तिवारी, गंगा ब्रिज थाना, नगर थाना सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की.
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