हाजीपुर में बाढ़ का खतरा, पिछले साल तबाही, अब फिर गंगा का दबाव, गनियारी में प्रशासन अलर्ट

Ganiyari Ganga Erosion : गनियारी गांव में गंगा नदी के बढ़ते दबाव के चलते प्रशासन अलर्ट मोड पर है. पिछले साल की तबाही को देखते हुए, प्रभावित हिस्से की सुरक्षा के लिए तत्काल बाढ़ राहत कार्य शुरू कर दिया गया है. अधिकारी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं.

Ganiyari Ganga Erosion : वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के गनियारी गांव में गंगा नदी के कटाव को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है. नदी के बाएं चैनल के बाएं किनारे पर कराए गए कटाव निरोधक कार्य के सीमित हिस्से में स्थानीय सेटलमेंट की स्थिति सामने आने के बाद प्रभावित हिस्से की सुरक्षा के लिए बाढ़ राहत कार्य शुरू कर दिया गया है. प्रशासन और तकनीकी विभाग की टीम मौके पर लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है.

प्रभावित हिस्से की सुरक्षा के लिए शुरू हुआ काम

गनियारी गांव में गंगा नदी के बाएं चैनल के बाएं किनारे पर कटाव निरोधक कार्य के आंशिक रूप से प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की गई है. प्रशासन और संबंधित तकनीकी विभाग की टीम मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का आकलन कर रही है.

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बैक वाटर और भंवर से बढ़ा पानी का स्थानीय वेग

बाढ़ के दौरान मुख्य नदी प्रवाह के साथ बैक वाटर और भंवर बनने से पानी का स्थानीय वेग बढ़ गया. अशांत प्रवाह के कारण डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में कराए गए कटाव निरोधक कार्य के कुछ हिस्से पर दबाव पड़ा, जिससे स्थानीय सेटलमेंट की स्थिति उत्पन्न हुई.

करीब 30 मीटर हिस्से में सेटलमेंट की स्थिति

अधिकारियों के अनुसार डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में करीब 1,500 मीटर की दूरी पर लगभग 30 मीटर लंबाई में कराए गए स्लोप कार्य के एप्रोन और स्लोप के कुछ हिस्से में स्थानीय सेटलमेंट हुआ है. प्रभावित क्षेत्र सीमित बताया गया है और उसे सुरक्षित करने का काम जारी है.

जलस्तर और कटाव पर विभाग की नजर

मामले की जानकारी मिलते ही बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल, लालगंज की टीम ने मौके का निरीक्षण किया. विभागीय टीम गंगा के जलस्तर, नदी के प्रवाह और कटाव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.

पिछले साल गनियारी में मची थी भारी तबाही

गनियारी में वर्ष 2025 में गंगा नदी का कटाव बेहद गंभीर हो गया था. भीषण कटाव के कारण करीब 400 परिवारों के घर उजड़ गए थे. कई परिवार बेघर हो गए थे और बड़ी संख्या में घर, खेत और लोगों की संपत्ति नदी में समा गई थी.

NH-122B तक पहुंच गया था कटाव का खतरा

पिछले साल स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि गंगा के कटाव का खतरा राष्ट्रीय राजमार्ग NH-122B तक पहुंच गया था. इस वजह से गनियारी और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता काफी बढ़ गई थी.

इस साल 1710 मीटर लंबाई में हो रहा कटाव निरोधक कार्य

पिछले साल की गंभीर स्थिति को देखते हुए इस वर्ष गंगा के बाएं तट पर करीब 1,710 मीटर लंबाई में वैज्ञानिक तरीके से कटाव निरोधक कार्य कराया जा रहा है. इसका उद्देश्य गनियारी और आसपास के इलाकों को नदी के कटाव से सुरक्षा देना है.

प्रशासन ने कहा स्थिति नियंत्रण में

जिला पदाधिकारी ने बताया कि कटाव निरोधक कार्य के प्रभावित सीमित हिस्से को सुरक्षित करने के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और प्रशासन तथा तकनीकी विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है.

जलस्तर बढ़ने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नदी के जलस्तर, प्रवाह और कटाव की स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया है. आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने को भी कहा गया है, ताकि कटाव निरोधक संरचना और आसपास के इलाके को सुरक्षित रखा जा सके.

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By कैफ अहमद

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