हाजीपुुर : गंगा खतरे के निशान से 0.36 मीटर ऊपर, गंडक के लालगंज में भी निशान के बेहद करीब पानी, 24 घंटे अलर्ट

हाजीपुर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. गंगा नदी खतरे के निशान से 0.36 मीटर ऊपर बह रही है, वहीं गंडक नदी का जलस्तर भी लालगंज में खतरे के निशान के बेहद करीब है. प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है.

Hajipur Flood : हाजीपुर जिले में गंगा और गंडक नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है. गंगा नदी गांधी घाट पर खतरे के निशान से 0.36 मीटर ऊपर बह रही है, हालांकि पिछले 12 घंटे में यहां पानी घटने का रुझान दर्ज किया गया है. वहीं, गंडक नदी का जलस्तर लालगंज में खतरे के निशान से महज 0.03 मीटर नीचे है. प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं.

गंगा खतरे के निशान से 0.36 मीटर ऊपर

गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 48.96 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है. यानी गंगा का पानी खतरे के निशान से 0.36 मीटर ऊपर है. हालांकि, पिछले 12 घंटे के दौरान जलस्तर में गिरावट का रुझान दर्ज किया गया है.

लालगंज में खतरे के निशान के बेहद करीब गंडक

गंडक नदी का जलस्तर लालगंज में 50.47 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 50.50 मीटर है. यानी नदी का पानी खतरे के निशान से सिर्फ 0.03 मीटर नीचे है. फिलहाल यहां जलस्तर स्थिर बताया गया है.

एसडीआरएफ की टीम तैनात

रेवा घाट पर बढ़ रहा पानी

रेवा घाट पर गंडक नदी का जलस्तर 53.36 मीटर दर्ज किया गया है. खतरे का निशान 54.41 मीटर है. इस तरह पानी खतरे के निशान से 1.05 मीटर नीचे है. हालांकि, यहां जलस्तर में वृद्धि का रुझान दर्ज किया गया है.

हाजीपुर में खतरे के निशान से नीचे गंडक

हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर 49.11 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 50.32 मीटर है. इस लिहाज से पानी फिलहाल खतरे के निशान से 1.21 मीटर नीचे है.

वाल्मीकिनगर बराज से बढ़ा जलश्राव

वाल्मीकिनगर बराज से 30 अगस्त को गंडक नदी में 1,14,000 क्यूसेक जलश्राव दर्ज किया गया. इससे पहले 27 अगस्त को 1,06,600 क्यूसेक, 28 अगस्त को 1,02,100 क्यूसेक और 29 अगस्त को भी 1,02,100 क्यूसेक जलश्राव दर्ज किया गया था.

51 नावों का किया जा रहा परिचालन

बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए कुल 51 नावों का परिचालन किया जा रहा है. जरूरतमंद परिवारों के बीच अब तक 420 पॉलीथिन शीट्स भी वितरित की जा चुकी हैं. प्रभावित क्षेत्रों में मानव और पशु चिकित्सा शिविर भी चलाये जा रहे हैं.

तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी

तटबंधों की सुरक्षा के लिए प्रतिनियुक्त कर्मियों और होमगार्ड जवानों को 24 घंटे निगरानी में लगाया गया है. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अभियंता भी लगातार क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं. तटबंधों की निगरानी के लिए ड्रोन की मदद भी ली जा रही है.

चार जगह एसडीआरएफ की टीमें तैनात

त्वरित राहत और बचाव कार्य के लिए राघोपुर, हाजीपुर, लालगंज और महनार में एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गयी हैं. जिला स्तरीय 24×7 नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय है. प्रशासनिक और संबंधित विभागों के अधिकारी लगातार प्रभावित इलाकों में मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.

अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से बाढ़ और जलस्तर को लेकर फैलायी जा रही अफवाहों और फर्जी खबरों पर विश्वास नहीं करने की अपील की है. प्रशासन ने नागरिकों से किसी भी सूचना के लिए आधिकारिक माध्यमों और जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी पर भरोसा करने को कहा है.

बाढ़ की आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

बाढ़ से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति या सूचना के लिए जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइन नंबर 06224-260233 और 06224-260234 पर संपर्क किया जा सकता है.

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By कैफ अहमद

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