Hajipur river water level: वैशाली जिले में स्थानीय स्तर पर भारी बारिश नहीं होने के बावजूद नेपाल और वाल्मीकिनगर बराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा और गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. पिछले 12 घंटे के दौरान गंगा नदी का जलस्तर 15.83 मिलीमीटर प्रति घंटे और हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर 5.89 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा है. नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ने लगी है. प्रशासन भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.
गंगा और गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा
बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह छह बजे रेवा में गंडक नदी का जलस्तर 53.65 मीटर, लालगंज में 50.21 मीटर और हाजीपुर में 46.70 मीटर दर्ज किया गया. वहीं पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 45.57 मीटर मापा गया. बुधवार शाम छह बजे रेवा में गंडक नदी का जलस्तर 53.42 मीटर, लालगंज में 50.07 मीटर और हाजीपुर में 46.63 मीटर दर्ज किया गया था. वहीं गंगा नदी का जलस्तर 45.38 मीटर था.
12 घंटे में इतनी रफ्तार से बढ़ा जलस्तर
पिछले 12 घंटे के दौरान गंगा नदी का जलस्तर 15.83 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा है. वहीं हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर 5.89 मिलीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ा. लालगंज में गंडक नदी का जलस्तर 11.66 मिलीमीटर प्रति घंटे और रेवा में 19.16 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा है.
अब भी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं दोनों नदियां
हालांकि दोनों नदियां अभी अपने खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं. गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 3.03 मीटर नीचे है. वहीं हाजीपुर में गंडक नदी 3.62 मीटर, लालगंज में महज 0.29 मीटर और रेवा में 0.76 मीटर खतरे के निशान से नीचे बह रही है. लालगंज और रेवा में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है.
वाल्मीकिनगर बराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
वाल्मीकिनगर बराज से लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है. गुरुवार को एक लाख 34 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया. बुधवार को एक लाख 94 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. इस वर्ष अब तक सबसे अधिक दो लाख 24 हजार क्यूसेक पानी मंगलवार, 14 जुलाई को छोड़ा गया था. इसके अलावा सोमवार को एक लाख छह हजार 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और नदी के जलस्तर से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की अपील की है.
