Gandak River Flood : हाजीपुर में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. तटबंधों के साथ बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों की भी लगातार निगरानी की जा रही है. बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल, लालगंज से गुरुवार को मिली तकनीकी रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल जिले में स्थिति नियंत्रण में है. प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निबटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है.
लालगंज में खतरे के निशान से ऊपर गंडक
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक वाल्मीकिनगर बराज से गुरुवार सुबह गंडक नदी में 88 हजार 300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. जिले के अलग-अलग गेज स्थलों पर नदी के जलस्तर की स्थिति भी दर्ज की गई है. लालगंज में गंडक का जलस्तर 50.57 मीटर रहा, जो 50.50 मीटर के खतरे के निशान से 0.07 मीटर अधिक है. हालांकि यहां पानी घटने की स्थिति बनी हुई है.
गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 49.34 मीटर दर्ज किया गया है. यह 48.60 मीटर के खतरे के निशान से 0.74 मीटर ऊपर है. यहां नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया गया है.
रेवा में गंडक नदी का जलस्तर 53.24 मीटर दर्ज किया गया, जो 54.41 मीटर के खतरे के निशान से 1.17 मीटर नीचे है. यहां भी पानी कम होने की प्रवृत्ति दर्ज की गई है. वहीं हाजीपुर में गंडक का जलस्तर 49.40 मीटर रहा, जो 50.32 मीटर के खतरे के निशान से 0.92 मीटर नीचे है. हाजीपुर में जलस्तर अभी स्थिर बना हुआ है.
तीन प्रखंडों के कुछ इलाके प्रभावित
मौजूदा जलस्तर के कारण राघोपुर, देसरी और सहदेई बुजुर्ग प्रखंडों के कुछ हिस्से आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं. डीएम के निर्देश पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी प्रभावित तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं.
बाढ़ नियंत्रण से जुड़े अभियंता और तैनात कर्मी तटबंधों की 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन की ओर से किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए महनार, हाजीपुर और राघोपुर में एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय
बाढ़ नियंत्रण कक्ष और जिला नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है. किसी तरह की सहायता, सूचना या आपात स्थिति में लोग जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 06224-260233 और 06224-260234 पर संपर्क कर सकते हैं.
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें. बाढ़ या नदी के जलस्तर से जुड़ी कोई समस्या सामने आने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी दें. प्रशासन की ओर से स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव के सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
