Hajipur News : हाजीपुर में सरकारी अस्पतालों की लचर कार्यशैली का मामला जंदाहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आया है. समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिलने के कारण करंट से झुलसे एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गयी. परिजनों ने अस्पताल में समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया है. घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की ग्रामीण चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.
करंट लगने से गंभीर रूप से झुलसे थे बुजुर्ग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरप्रसाद गांव निवासी स्वर्गीय दहाऊर राय के 60 वर्षीय पुत्र रामसवार्थ राय रविवार दोपहर बारिश के दौरान घर के दालान में पंखा चालू करने गए थे. इसी दौरान वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए. परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए जंदाहा पीएचसी लेकर पहुंचे.
अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने का आरोप, 40 मिनट तक तड़पता रहा मरीज
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था. मृतक के भाई ने रोते हुए बताया कि उनका भाई जिंदगी और मौत से जूझ रहा था, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिला. परिजनों के अनुसार, करीब 40 मिनट तक वे अस्पताल परिसर में डॉक्टर की गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर इलाज शुरू नहीं हो सका.
मरीज की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे लेकर हाजीपुर के लिए रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में रामसवार्थ राय की मौत हो गयी.
मृतक की पत्नी आशा कार्यकर्ता
रामसवार्थ राय खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनके तीन बेटे हैं, जिनमें दो अभी पढ़ाई कर रहे हैं. उनकी पत्नी आशा कार्यकर्ता के रूप में सेवा देती हैं. अचानक हुई मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने मामले की शिकायत वैशाली के जिलाधिकारी से भी की है और अस्पताल की व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है.
प्रभारी का मोबाइल बंद, डॉक्टर ने बतायी शिफ्ट बदलने की वजह
मामले में जंदाहा पीएचसी प्रभारी का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका सरकारी मोबाइल नंबर बंद मिला. वहीं, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर जी. हैदर ने कहा कि जिस समय मरीज अस्पताल पहुंचा, वह शिफ्ट बदलने का समय था, इसलिए उन्हें अस्पताल पहुंचने में थोड़ी देर हुई. उन्होंने यह भी कहा कि परिजन खुद ही मरीज को लेकर वहां से चले गए थे.
डॉक्टर ने पीएचसी में चिकित्सकों की कमी का हवाला देते हुए बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी समेत मात्र दो डॉक्टर तैनात हैं, जिससे अस्पताल का संचालन मुश्किल हो रहा है. हालांकि, समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिलने के परिजनों के आरोप ने पीएचसी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
