हाजीपुर के ठेकेदार रामनरेश हत्याकांड में कई खुलासे : पांच लाख में दी गई थी सुपारी, मुजफ्फरपुर में रची गई साजिश,पटना से शूटर गिरफ्तार

Contractor Ramnaresh Murder Case : हाजीपुर में ठेकेदार रामनरेश राय की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. मुजफ्फरपुर में रची गई इस साजिश में 5 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी. पुलिस ने पटना से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

Contractor Ramnaresh Murder Case : हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी खुर्द में ठेकेदार रामनरेश राय की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने मामले में दो आरोपियों रमेश कुमार और आदित्य प्रकाश को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में हत्या की साजिश मुजफ्फरपुर में रचे जाने और वारदात के लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय होने की बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार, घटना में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली गई है.

5 लाख रुपये में हत्या की डील का दावा

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार रमेश कुमार ने पूछताछ में बताया कि मुजफ्फरपुर के कुख्यात अपराधी छोटू राणा के साथ हत्या को लेकर पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था. इसमें एक लाख रुपये एडवांस दिए जाने की बात सामने आई है. पुलिस अब इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.

मॉर्निंग वॉक के दौरान ठेकेदार को मारी गई थी गोली

13 अगस्त की सुबह रामनरेश राय मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे. कुमाही पोखर की ओर जाने वाले रास्ते के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी थी. गंभीर रूप से घायल रामनरेश राय की मौत हो गई थी. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल कायम हो गया.

पत्नी के बयान पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी

मामले में मृतक की पत्नी रेखा कुमारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसमें दिग्घी खुर्द के सहदेव राय, मुकेश राय और परमजीत राय उर्फ परम राय समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सहदेव राय को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

SIT ने तकनीकी और मानवीय सूचना से दबोचे आरोपी

हत्याकांड के उद्भेदन के लिए सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी SIT गठित की गई थी. टीम ने तकनीकी जांच और मानवीय सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की. इसके बाद 19 अगस्त को पटना जिले के दानापुर थाना क्षेत्र से रमेश कुमार और आदित्य प्रकाश को अवैध आग्नेयास्त्र के साथ गिरफ्तार किया गया.

दोनों आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार की संलिप्तता

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की गई. पूछताछ में दोनों ने हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. पुलिस का कहना है कि पूछताछ से हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने वाले नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं.

आदित्य अपाचे और रमेश चला रहा था स्प्लेंडर

पुलिस की पूछताछ में वारदात के दौरान इस्तेमाल की गई दोनों मोटरसाइकिलों को लेकर भी जानकारी सामने आई है. पुलिस के अनुसार, आदित्य प्रकाश अपाचे मोटरसाइकिल पर था, जबकि रमेश कुमार स्प्लेंडर चला रहा था. दोनों की जिम्मेदारी अन्य दो शूटरों को बाइक से घटनास्थल तक पहुंचाने की थी.

छोटू राणा के आदमी ने उपलब्ध कराई थी बाइक और हथियार

गिरफ्तार रमेश के बयान के अनुसार, छोटू राणा के एक व्यक्ति ने आरोपियों को हथियार और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई थी. पुलिस के मुताबिक, हत्या की योजना मुजफ्फरपुर में बनाई गई थी. पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा बार-बार ‘मुकेश भैया’ का नाम लिए जाने की बात भी पुलिस ने बताई है.

मुकेश कुमार से बातचीत का साक्ष्य मिलने का दावा

एसपी शुभांक मिश्रा ने गुरुवार देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को मुकेश कुमार और छोटू राणा के बीच बातचीत से संबंधित साक्ष्य मिले हैं. पुलिस अब इस कड़ी की भी जांच कर रही है. जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

पानी में डुबो दी गई थी वारदात में इस्तेमाल स्प्लेंडर

पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को वारदात के दो दिन बाद बरामद कर लिया था. पुलिस के अनुसार, बाइक सदर थाना क्षेत्र में चंद्रालय मठ के पास नदी के पानी में डुबोकर रखी गई थी. बरामदगी के बाद पुलिस ने इसे जांच की अहम कड़ी माना.

रमेश का पहले से आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार रमेश कुमार का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है. वह लूट और हत्या के मामलों में जेल जा चुका है. पुलिस ने बताया कि झारखंड के देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र में दर्ज लूट के एक मामले में भी वह फरार चल रहा था.

कई मामलों में दर्ज हैं केस

पुलिस के अनुसार, रमेश कुमार के खिलाफ बिदुपुर थाना में एनडीपीएस एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं. उसके खिलाफ बिदुपुर थाना कांड संख्या 181/20, 172/20 और 486/18 तथा देवघर के मधुपुर थाना कांड संख्या 146/25 में भी मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है. आदित्य प्रकाश के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है.

बाकी आरोपियों की तलाश जारी

एसपी शुभांक मिश्रा ने बताया कि हत्याकांड में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए SIT लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है. मामले में सामने आए सभी आरोपियों की भूमिका की जांच के बाद ही पुलिस आगे की तस्वीर साफ करेगी.

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By अभिषेक कुमार

अभिषेक कुमार 9 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. इनकी सबसे अच्छी पकड़ क्राइम और राजनीति की खबरों पर है.

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