Hajipur News : वैशाली में सावन की दूसरी सोमवारी के अवसर पर वैशाली के ऐतिहासिक चतुर्मुखी महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार एवं विशेष रुद्राभिषेक किया गया. आकर्षक ढंग से सजाए गए बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में जुटने लगी. इस दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा.
सावन में बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की भीड़
चतुर्मुखी महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के श्रृंगार और रुद्राभिषेक की वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा रही है. सावन माह में इस परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है. मंदिर में प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ का आकर्षक श्रृंगार और रुद्राभिषेक किया जाता है, लेकिन सावन में विशेष पूजा-अर्चना और बाबा के दर्शन के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु
मंदिर के प्रधान पुजारी अमीर नाथ मिश्रा, सतीश मिश्रा और सौरव कुमार मिश्रा ने बताया कि सावन माह भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. इस महीने में बाबा का रुद्राभिषेक और श्रृंगार कराने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं. शाम के समय विशेष पूजा में शामिल होने के लिए भी भक्तों की भीड़ लगी रहती है.
रुद्राभिषेक से सुख-शांति की मान्यता
प्रधान पुजारी अमीर नाथ मिश्रा ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन में भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक और श्रृंगार कराने से घर में सुख-शांति की कामना पूरी होती है. साथ ही पारिवारिक कलह और अन्य परेशानियों से मुक्ति मिलने की भी मान्यता है. सावन में रुद्राभिषेक के लिए किसी विशेष मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती है.
बाबा के दरबार से नहीं लौटता कोई निराश
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि चतुर्मुखी महादेव के दरबार से कोई भक्त निराश होकर नहीं लौटता. बाबा के स्मरण मात्र से संकट दूर होने की आस्था यहां आने वाले श्रद्धालुओं में देखने को मिलती है.
