सिम बॉक्स के लिए 1300 से ज्यादा सिम जारी, हाजीपुर से एयरटेल डिस्ट्रीब्यूटर गिरफ्तार; 73 साइबर अपराधों से जुड़े तार

CBI ने साइबर अपराधों में इस्तेमाल हो रहे अवैध सिम बॉक्स रैकेट पर बड़ी कार्रवाई की है. बिहार और ओडिशा में 10 ठिकानों पर छापेमारी कर 1300 से अधिक सिम कार्ड जब्त किए गए हैं. एक एयरटेल डिस्ट्रीब्यूटर को गिरफ्तार किया गया है, जिसने 700 से अधिक सिम जारी किए थे.

Hajipur News : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जा रहे अवैध सिम बॉक्स ऑपरेशन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने वैशाली और ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में एक साथ 10 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की. इस कार्रवाई में महुआ से अवैध सिम बॉक्स संचालन के लिए बड़ी संख्या में सिम कार्ड उपलब्ध कराने के आरोप में एक एयरटेल डिस्ट्रीब्यूटर को गिरफ्तार किया गया है.

छापेमारी में 1300 से अधिक सिम कार्ड बरामद

CBI के अनुसार, यह कार्रवाई बिहार के सुपौल जिले में पिछले वर्ष पकड़े गए एक अवैध सिम बॉक्स ऑपरेशन से जुड़े मामले की जांच के दौरान की गयी. मामले की जांच बाद में CBI को सौंपी गयी थी. छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने मोबाइल फोन, लैपटॉप और बड़ी संख्या में सिम कार्ड समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त किए.

जिस घर में अवैध सिम बॉक्स संचालित किया जा रहा था, वहां से 1300 से अधिक सिम कार्ड बरामद किए गए. जांच में इन सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर अपराधों के लिए किए जाने की बात सामने आयी है.

73 साइबर अपराधों से जुड़े मिले तार

जांच एजेंसी के मुताबिक, इस सिम बॉक्स के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में कम से कम 73 साइबर अपराधों को अंजाम दिया गया. इनमें लोगों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर ठगी करने जैसे मामले भी शामिल हैं. सिम बॉक्स के माध्यम से बड़ी संख्या में फर्जी या अवैध तरीके से सक्रिय मोबाइल कनेक्शन का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जा रहा था.

एक डिस्ट्रीब्यूटर ने जारी किए 700 से ज्यादा सिम

जांच में यह भी पता चला कि गिरफ्तार एयरटेल डिस्ट्रीब्यूटर ने वैशाली जिले में एक दर्जन से अधिक पॉइंट ऑफ सेल के क्रेडेंशियल्स का कथित तौर पर दुरुपयोग किया. बरामद सिम कार्ड में से 700 से अधिक सिम अकेले इसी डिस्ट्रीब्यूटर की ओर से जारी किए जाने की बात सामने आयी है.

CBI की जांच में ऐसे कई ग्राहकों का भी पता चला, जिनके नाम पर सिम कार्ड जारी किए गए थे, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी. आरोप है कि ई-केवाईसी के नाम पर ग्राहकों से लिए गए बायोमेट्रिक डेटा का गलत इस्तेमाल कर उनकी जानकारी के बिना एक से अधिक सिम कार्ड एक्टिवेट किए गए.

ई-केवाईसी के नाम पर बायोमेट्रिक डेटा के दुरुपयोग का आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, ग्राहक जब अपनी जरूरत के लिए सिम सेवा प्रदाता के पास पहुंचे, तब ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान उनके बायोमेट्रिक डेटा का इस्तेमाल अतिरिक्त सिम कार्ड जारी करने में किया गया. बाद में इन सिम कार्ड को अवैध सिम बॉक्स के जरिए साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आयी है.

CBI ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से सावधान किया

CBI ने लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है. जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था या अवधारणा नहीं है. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति पुलिस, CBI, कस्टम या किसी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन करता है और पैसे की मांग करता है, तो उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए.

CBI ने लोगों से फर्जी निवेश योजनाओं और सरकारी एजेंसी के नाम पर किए जाने वाले फोन कॉल्स से भी सावधान रहने की अपील की है. एजेंसी ने कहा है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत संबंधित एजेंसियों को सूचना दें.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अभिषेक कुमार

अभिषेक कुमार 9 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. इनकी सबसे अच्छी पकड़ क्राइम और राजनीति की खबरों पर है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >