Education Minister Mithilesh Tiwari : दरभंगा से पटना लौटने के दौरान रविवार की शाम हाजीपुर के एक होटल सभागार में मीडिया से बातचीत करते हुए बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव का दावा किया. उन्होंने कहा कि बिहार में आज शिक्षा का माहौल पहले की तुलना में कई गुना बेहतर हुआ है. आने वाले दिनों में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का ऐसा माहौल तैयार किया जाएगा कि छात्र प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर सरकारी विद्यालयों में पढ़ना पसंद करेंगे.
‘चरवाहा विद्यालय के दौर से आगे बढ़ा बिहार’
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर चरवाहा विद्यालय और पहलवान विद्यालय जैसी बातें कही जाती थीं. इससे बिहार की देश-दुनिया में छवि खराब हुई और राज्य मजाक का पात्र बन गया था.
उन्होंने कहा कि बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है. नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालयों में देश-दुनिया से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते थे और यहां गुरुकुल शिक्षा प्रणाली की मजबूत परंपरा थी. अब बिहार उस गौरव को वापस हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
‘अब मुगल का नहीं, गूगल का जमाना’
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि अब मुगल का नहीं, गूगल का जमाना है और बिहार तेज रफ्तार से विकास की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव होने का दावा किया.
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग छात्रों और शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में लगातार काम कर रहा है. आने वाले समय में बिहार का शिक्षा मॉडल देश के दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बनेगा.
75 हजार सरकारी स्कूलों तक पहुंचेगा मॉडल
शिक्षा मंत्री ने बताया कि बिहार के सभी प्रखंडों में एक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है. इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक शैक्षणिक सामग्री और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस व्यवस्था को बिहार के करीब 75 हजार सरकारी स्कूलों तक लागू करने का लक्ष्य है.
