Vaishali News : हाजीपुर जिले में नदी संरक्षण और जल स्रोतों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में नियमित गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. जिला गंगा समिति की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश के बाद जिले के विद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रत्येक शनिवार ‘नदी क्यों जरूरी है’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इसके तहत विद्यार्थियों को नदियों के महत्व, संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है.
विद्यार्थियों को बताया जा रहा नदियों का महत्व
शनिवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच ‘नदी क्यों जरूरी है’ विषय पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गयीं. इस दौरान बच्चों को नदियों और अन्य जल स्रोतों के महत्व के साथ उनके संरक्षण की आवश्यकता के बारे में बताया गया. विद्यार्थियों को जल का उपयोग जरूरत के अनुसार करने और जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए भी प्रेरित किया गया.
चेतना सत्र और कक्षा में हो रहा संवाद
शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों में चेतना सत्र और कक्षा-कक्ष में संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को जल और नदियों की भूमिका समझायी जा रही है. बच्चों को बताया जा रहा है कि नदियां मानव जीवन के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण हैं. नदी संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत पर भी चर्चा की जा रही है.
पेंटिंग और क्विज से भी दिया जा रहा संदेश
जागरूकता अभियान को रोचक बनाने के लिए विभिन्न विद्यालयों में पेंटिंग, क्विज, कहानी वाचन और अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी करायी जा रही हैं. इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नदी और जल संरक्षण से जोड़ा जा रहा है. बच्चों को अपने आसपास के जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी समझायी जा रही है.
बच्चों के माध्यम से परिवार और समाज तक पहुंचेगा संदेश
जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने इस पहल को केवल विद्यालय स्तर तक सीमित नहीं रखने पर जोर दिया है. उन्होंने कहा है कि विद्यार्थी नदी और जल संरक्षण के संदेश के वाहक बनें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जल के विवेकपूर्ण उपयोग, नदियों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए प्रेरित करें.
अधिकारियों के मार्गदर्शन में चल रहा अभियान
जागरूकता गतिविधियों का आयोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी रविंद्र कुमार के मार्गदर्शन में कराया जा रहा है. जिला परियोजना पदाधिकारी सह जिला गंगा समिति के मुनेश कुमार के समन्वय और देखरेख में विद्यालयों में इन गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है.
