Amrapali training center Hajipur: जिले में कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने और बच्चों की प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग की योजना के तहत आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र का संचालन किया जाएगा. केंद्र के माध्यम से छात्र-छात्राओं को विभिन्न शास्त्रीय कला एवं वाद्य विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा. आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में शास्त्रीय गायन, भरतनाट्यम, कथक नृत्य के साथ तबला, ढोलक और हारमोनियम वादन का प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण के लिए 6 वर्ष से अधिक आयु के छात्र-छात्राएं नामांकन करा सकेंगे.
जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय में जमा होगा आवेदन
इच्छुक छात्र-छात्राएं नामांकन के लिए जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं. आवेदन-पत्र भी जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है. प्रशिक्षण के लिए छात्र-छात्राओं से कोई मासिक शुल्क नहीं लिया जाएगा. नामांकन के समय आयु प्रमाण के लिए जन्म तिथि प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और तीन पासपोर्ट साइज फोटो देना अनिवार्य होगा.
प्रत्येक शिक्षक के अधीन अधिकतम 40 छात्र
प्रत्येक शिक्षक के अंतर्गत अधिकतम 40 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा. नामांकन पूरे वर्ष कराया जा सकेगा. प्रशिक्षण केंद्र मंगलवार से रविवार तक खुला रहेगा, जबकि सोमवार को केंद्र बंद रहेगा. शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण का समय दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है. छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुसार प्रशिक्षण दो सत्रों में कराया जाएगा. पहला सत्र दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक और दूसरा सत्र शाम 4 बजे से 6 बजे तक होगा.
नृत्य प्रशिक्षण के लिए सामग्री खुद लानी होगी
नृत्य प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सामग्री, जैसे घुंघरू और ड्रेस आदि, छात्र-छात्राओं को स्वयं लानी होगी. प्रशिक्षण केंद्र के संचालन और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए जिला स्तर पर संबंधित विभाग की ओर से आवश्यक समन्वय किया जाएगा.
बच्चों और युवाओं से प्रशिक्षण लेने की अपील
जिला पदाधिकारी ने जिले के इच्छुक बच्चों एवं युवाओं से आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र का लाभ उठाने की अपील की है. उन्होंने छात्र-छात्राओं से शास्त्रीय कला और संगीत की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को निखारने का आह्वान किया है.
