Hajipur skill development: शहर के आरएन महाविद्यालय परिसर में शुक्रवार को बीबीए विभाग एवं जीएनआईओटी के संयुक्त तत्वावधान में व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और प्रबंधकीय दक्षता विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य बिनोद मंडल ने की, जबकि संचालन बीबीए विभाग के समन्वयक डॉ. प्रणव शेखर ने किया.
एआई युग में कौशल विकास की आवश्यकता
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आईआईएम एवं जीएनआईओटी के विषय विशेषज्ञ प्रशिक्षक अनुराग सक्सेना थे. उन्होंने अपने व्याख्यान में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में सफलता के लिए केवल शैक्षणिक उपलब्धियां पर्याप्त नहीं हैं. नेतृत्व क्षमता, प्रभावी संचार कौशल, समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता, नवाचार, टीमवर्क और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.
उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ नैतिक नेतृत्व विकसित करने तथा बदलती परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया.
उद्योग जगत की जरूरतों से जुड़ने पर जोर
प्राचार्य बिनोद मंडल ने कहा कि एआई के इस परिवर्तनकारी दौर में विद्यार्थियों को डिग्री के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान, नेतृत्व क्षमता और नवाचार की सोच विकसित करनी होगी. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं से जोड़ने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
विद्यार्थियों को मिल रहा व्यावहारिक अनुभव
बीबीए विभाग के समन्वयक डॉ. प्रणव शेखर ने बताया कि विभाग विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उद्योग और प्रबंधन के व्यावहारिक पक्षों से जोड़ने के लिए लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहा है.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. डॉ. स्वाति ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया, जबकि अंत में डॉ. खुशबू ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी के सहयोग की सराहना की.
