हाजीपुर.
पॉक्सो की विशेष न्यायाधीश ने करीब तीन वर्ष पूर्व झारखंड की एक नाबालिग अनुसूचित जाति की बच्ची को नौकरी का झांसा देकर हाजीपुर बुलाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में एक अभियुक्त को दोषी करार दिया है. यह जानकारी पॉक्सो के विशेष विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा ने दी. उन्होंने बताया कि पूर्वी चंपारण जिला के सुगौली थाना क्षेत्र के भटहां निवासी आदित्य कुमार उर्फ अखिलेश कुमार ने झारखंड की एक 16 वर्षीया अनुसूचित जाति की बच्ची को मोबाइल पर कॉल कर एक दवा कंपनी में छह हजार 500 रुपये वेतन देने का झांसा देकर हाजीपुर बुलाया था. 19 जुलाई 2022 को वह अपने अपने पिता के साथ मौर्य एक्सप्रेस से हाजीपुर पहुंची. हाजीपुर स्टेशन से आरोपित ने उसके पिता का यह कह कर वापस लौटा दिया कि उसकी बच्ची को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जायेेगी. इसके बाद वह किशोरी को सदर थाना क्षेत्र स्थित जेल के निकट एक दूसरी युवती के रूप पर ले गया. वहां युवती के साथ ही उसे रहने के लिए कह कर वह चला गया. कुछ देर बाद आरोपित वहां आया और जिस युवती का रूम था उसे आफिस जाने के बहाने वहां से हटा दिया. इसके बाद आरोपित ने किशोरी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया. पीड़िता ने इस मामले में सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस ने इस मामले में 29 अप्रैल 2023 को न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया. न्यायालय में 17 जुलाई को संज्ञान लिया. इस मामले में आदित्य कुमार उर्फ अखिलेश कुमार के विरुद्ध 25 जुलाई 2023 को आरोप गठन किया गया. इस मामले में विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा द्वारा कराये गये नौ साक्षियों एवं 18 प्रदर्श के परीक्षण-प्रतिपरीक्षण के बाद आदित्य कुमार उर्फ अखिलेश कुमार को नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के मामले मे दोषी करार दिया गया. सजा की बिंदु पर 11 मार्च को सुनवाई होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
