हाजीपुर.
शहर के हॉस्पिटल रोड स्थित कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सभागार में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर साइबर अपराध के खिलाफ प्रभात खबर का जन आंदोलन अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जागरूकता कार्यक्रम में महिला थाना की थानाध्यक्ष मोनी कुमारी, महिला संरक्षण पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के डायरेक्टर सह स्व कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव सुधीर ने कौशल विकास केंद्र की छात्राओं को साइबर क्राइम से बचाव के साथ-साथ महिला हिंसा, उत्पीड़न आदि से बचाव, इसकी शिकायत कहां और करें कि जानकारी दी. कृति फाउंडेशन की सचिव सारिका कुमारी ने अतिथियों को अंगवस्त्र, डायरी व कैलेंडर देकर सम्मानित किया. वहीं जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के डायरेक्टर सह स्व कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव ने बाल विवाह निषेध की शपथ दिलायी. महिला थाना की थानाध्यक्ष ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर क्राइम से बचाव का मुद्दा महिलाओं व छात्राओं के लिए काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम का मतलब सिर्फ पैसे की ठगी नहीं है. कई बार गलत वीडियो-फोटो, एडिटेड वीडियो-फोटा के माध्यम से ब्लैकमेलिंग या उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की शिकायत मिलती है. साइबर क्राइम से बचाव के लिए खुद सतर्क होने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कई बार छोटी-छोटी गलतियां आगे चलकर परेशानी का सबब बन जाती है. इसलिए गलतियों से बचने की जरूरत है. उन्होंने छात्राओं को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया. कहा कि कई बार गलतियां हो जाती है, गलती किसी से भी हो सकती है. हमेशा ये प्रयास करें कि गलती न हो. उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों खासकर लड़कियों से मित्रवत व्यवहार रखें, ताकि वे आपसे अपनी बात शेयर करें. कई बार डर की वजह से वे अपने अभिभावक से अपनी गलती छिपा लेती हैं. कई बार इसका नतीजा सुसाइड के प्रयास तक पहुंच जाता है.अंजान वीडियो कॉल न करें रीसिव, पुलिस कभी नहीं मांगती है पैसा :
साइबर क्राइम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए थानाध्यक्ष ने कहा कि साइबर फ्रॉड कई बार ऑनलाइन एफआइआर की नकल निकाल कर विक्टिम से ठगी कर लेते हैं. खासकर महिला अपराध से जुड़े मामले में. साइबर फ्रॉड पीड़ित को उसका केस मजबूत करने का झांसा देते हैं और दो-चार-पांच हजार रुपये की ठगी कर लेते हैं जबकि पुलिस कभी भी पैसा नहीं मांगती है. फोन पर तो बिलकुल नहीं. कई बार साइबर फ्रॉड इंवेस्टमेंट, लॉटरी जीतने, डिजिटल अरेस्ट या फिर आपके बच्चे के किसी केस में फंस जाने और उसे बचाने के लिए पैसे की मांग की जाती है. इनके झांसे में कभी न आएं और इसकी शिकायत साइबर थाना या पोर्टल पर करें.कभी न करें अपनी निजी जानकारी शेयर :
कई बार अंजान नंबर से कॉल करने वाला खुद को बैंक का अधिकारी, लॉटरी कंपनी या इंवेस्टमेंट का लालच देकर आपसे ओटीपी नंबर की मांग करता है, लिंक भेजकर उस पर अपनी डिटेल देने का कहता है, इससे सावधान रहने की जरूरत है. कभी भी किसी से अपनी निजी जानकारी शेयर न करें. उन्होंने अंजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल व अंजान लोगों से दोस्ती करने में सावधानी बरतने की अपील की. साथ ही अपनी फोटो या वीडियो किसी से शेयर न करें. साइबर फ्रॉड मजबूरी, अज्ञानता व जल्दबाजी का फायदा उठाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं. उन्होंने छात्राओं से विषम से विषम परिस्थिति में आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने और मदद के लिए डायल 112 पर कॉल करने की जानकारी दी. डायल 112 पर कॉल करते ही पुलिस तुरंत मदद के लिए पहुंच जायेगी.साइबर क्राइम से बचाव का कारगर हथियार है जानकारी
महिला संरक्षण पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने कहा कि जिस तरह से साइबर क्राइम के मामले बढ़ रहे हैं, वैसी परिस्थिति में हमें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम से बचाव का कारगर तरीका जानकारी व सतर्कता है. साइबर क्राइम से बचाव के साथ-साथ उन्होंने महिला उत्पीड़न व हिंसा से जुड़े मामलों से बचाव, कहां इसकी शिकायत कर सकते हैं, कैसे मदद मिलती है, महिला हिंसा व उत्पीड़न से जुड़ी कानूनी सहायता की भी जानकारी दी. उन्होंने साइबर क्राइम के लिए 1930, महिला हिंसा व उत्पीड़न के लिए 181, बच्चों से जुड़ी समस्या के लिए 1098 तथा किसी भी आपात स्थिति के लिए डायल 112 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें. तुरंत नि:शुल्क सहायता उपलब्ध करायी जायेगी.खुद भी बरतें सावधानी, दूसरों को भी करें जागरूक सारिका कुमारी, सचिव, कृति फाउंडेशन
फाउंडेशन की सचिव सारिका कुमारी ने कहा कि साइबर अपराध से लोग किसी न किसी तरह से ठगे जा रहे हैं. इससे बचाव के लिए सावधानी व जागरूकता बहुत जरूरी है. उन्होंने छात्राओं को इस कार्यक्रम से मिली जानकारी से खुद को साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए अपडेट करने व अपने परिजन व आसपास के लोगों को भी इस जानकारी से अवगत कराने को कहा, ताकि कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार न हो पाये.साइबर एक्सपर्ट ने दी ऐसे बचने की सलाहपासवर्ड में जन्म तिथि नहीं दें.
इमेल पर अटैचमेंट में ध्यान रखें.वेबसाइट में https और ताले का सिग्नल रहे, तभी इंटर करें.प्ले स्टोर से ही एप डाउनलोड करें, किसी के दिये लिंक से नहीं.
कभी भी फंड ट्रांसफर पब्लिक वाइफाइ से न करें.कस्टमर केयर का नंबर चाहिए, तो संबंधित संस्था की वेबसाइट से ही लें.
कस्टमर केयर का नंबर गूगल पर सीधे सर्च नहीं करें.क्रेडिट कार्ड ले रहे हैं या ले रखे हैं, तो बैंक से यूज करने का तरीका विस्तार से समझें.
एप डाउनलोड करते हैं, तो बिना समझे सारा परमिशन नहीं दें.अपरिचित वीडियो कॉल को रिसीव नहीं करें.
अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें, ओटीपी नहीं दें.पैसे के लालच के फेर में नहीं फंसें.
किसी से न शेयर करें फोटो और अपनी महत्वपूर्ण जानकारी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
