बिहार के सभी गांवों को शहर से जोड़ेगी सरकार, परिवहन विभाग चलाएगा 5 हजार बसें

Bihar News: बिहार में 2025 दिसंबर तक लगभग पांच हजार बसों का परिचालन होगा. परिवहन विभाग ने इन बसों के परिचालन की 28 सौ मार्गों को चिह्नित किया है. जिन पर 15 जनवरी से बसों के परिचालन की कवायद शुरू की जाएगी.

Bihar News: बिहार में 2025 दिसंबर तक लगभग पांच हजार बसों का परिचालन होगा. मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना के तहत 496 प्रखंडों में बस परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 3600 बसों की खरीद पर अनुदान दिया जायेगा. विभाग ने इन बसों के परिचालन की 28 सौ मार्गों को चिह्नित किया है. जिन पर 15 जनवरी से बसों के परिचालन की कवायद शुरू की जाएगी.

गांव से जुड़ेंगे सभी शहरों के मार्ग

परिवहन अधिकारियों के मुताबिक लोगों को प्रखंडों से जिला मुख्यालय, राज्य के विभिन्न स्थानों तक बस परिवहन की सेवा मिलेगी. जिला, गांव और शहर एक दूसरे से मिल जाने पर विकास निर्वाध रूप से होगा. योजना की शुरूआत होने से राज्य के 7200 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा. वहीं, निजी भागीदारी में बसों के परिचालन से लोग भी जुड़ पायेंगे.

बस के माध्यम से हाइवे पर सुरक्षित परिवहन की मिलेगी सेवा

बसों की संख्या बढ़ जाने से लोगों को सुरक्षित परिवहन की सेवा मिलेगी. साथ ही, हाइवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आयेगी. पिछले दिनों विभागीय समीक्षा में पाया गया कि बसों के आवागमन कम रहने से लोगों को परेशानी होती थी. बसों पर ओवेरलोडिंग भी बढ़ी रहती थी, लेकिन जिस तरह से बसों की सेवा बढ़ रही है. उसके बाद लोग हाइवे में सफर के दौरान सुरक्षित रहते हैं और दुर्घटनाएं भी कम होती हैं.

मार्च तक दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए चलेंगी 22 इ-बसें

बिहार में दिव्यांगजनों एवं बुजुगों के लिए मार्च 2025 से पहले 22 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन होगा. इस योजना को परिवहन विभाग और समाज कल्याण विभाग की मदद से पूरा किया जायेगा, ताकि बिहार में दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को आवागमन में परेशानी नहीं हो. इस बस सेवा में दोनों के लिए सभी सुविधाएं रहेगी और उनके अनुसार ही बस स्टाप का भी निर्माण होगा. जहां से बुजुर्ग और दिव्यांगजन आराम से सफर कर सकें.

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शहरों का होगा चयन

परिवहन विभाग के मुताबिक वर्तमान में लगातार नये-नये मार्गों पर बसों का परिचालन हो रहा है, जिससे शहर व गांव की दूरी कम होने के साथ लोगों को आने-जाने में सहूलियत हो रही है. दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए शहर व मार्ग का चयन होगा, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को इस योजना का लाभ मिल सके.

हॉस्पिटल, बस स्टॉप और रेलवे स्टेशन भी जुड़ेंगे

बसों का परिचालन शुरू होने के बाद इसे हॉस्पिटल, बस स्टॉप स्टॉप और रेलवे स्टेशन से जोड़ा जायेगा. इन सभी स्थलों पर सफर के दौरान दिव्यांगजनों को काफी परेशानी होती है. इस कारण से इन सभी जगहों को जोड़ने का निर्णय भी लिया गया है. समाज कल्याण की विभागीय समीक्षा में बार-बार बुजुगों के लिए विशेष परिचालन शुरू करने पर चर्चा होती है.

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लेखक के बारे में

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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