Gopalganj News: गोपालगंज के कुचायकोट थाना क्षेत्र के सिरिसिया गांव निवासी 35 वर्षीय अनूप मिश्रा की पैर की उंगली के ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ गयी. गोरखपुर के एक अस्पताल में तीन दिनों तक इलाज चलने के बाद शनिवार को उनकी मौत हो गयी. परिजनों ने निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने का गंभीर आरोप लगाया है.
मृतक के पिता लक्ष्मण मिश्रा के अनुसार, 29 जुलाई को पैर की एक उंगली टूटने के बाद अनूप मिश्रा को इलाज के लिए गोपालगंज के कमला राय कॉलेज के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के करीब दो घंटे बाद एक इंजेक्शन लगाए जाने के बाद अनूप की तबीयत अचानक बिगड़ गयी और वह बेहोश हो गये.
हालत बिगड़ने पर गोरखपुर किया गया रेफर
परिजनों के अनुसार, अनूप की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें सदर अस्पताल लाया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया.
परिजनों का दावा है कि गोरखपुर में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने संक्रमण की बात बतायी. तीन दिनों तक इलाज चलने के बाद शनिवार को अनूप की मौत हो गयी. परिजनों ने आरोप लगाया कि गलत इलाज और इंजेक्शन के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई.
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
अनूप मिश्रा की मौत से पूरा गांव गमगीन है. उनकी पत्नी तीन बच्चों के साथ चीत्कार में डूबी रही. बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया. पूरे दिन परिजन शव के आने का इंतजार करते रहे और घर के दरवाजे पर सन्नाटा पसरा रहा.
गांव के लोग पिछले तीन दिनों से गोरखपुर में इलाज के दौरान परिजनों के साथ जुटे हुए थे. परिजनों को उम्मीद थी कि अनूप स्वस्थ होकर वापस लौटेंगे, लेकिन शनिवार को उनकी मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया.
ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग
सिरिसिया के पूर्व मुखिया धर्मेंद्र मिश्र ने कहा कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण युवक की मौत हुई है. उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है. साथ ही डॉक्टर के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही है.
पुलिस ने कहा है कि आवेदन प्राप्त होने पर मामले की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी.
