Gopalganj News: जिले में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर शिक्षक नियुक्ति के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बरौली प्रखंड के खजुरिया पंचायत के पंचायत सचिव सह सदस्य सचिव, पंचायत नियोजन समिति को कड़ी चेतावनी जारी की है.
डीईओ ने निर्देश दिया है कि संबंधित पंचायत शिक्षक के खिलाफ तीन दिनों के अंदर प्राथमिकी दर्ज कराई जाए, सेवा से हटाने की कार्रवाई पूरी की जाए और इसकी विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन नहीं होने पर पंचायत सचिव के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.
पूर्व आदेश के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
डीईओ कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 10 जून को ही प्राथमिक विद्यालय हलुआर, प्रखंड बरौली में कार्यरत पंचायत शिक्षक ग्यासुद्दीन के खिलाफ फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नियोजन कराने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराने और सेवा से मुक्त करने का आदेश दिया गया था.
लेकिन अब तक न तो प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना विभाग को दी गई और न ही शिक्षक को सेवा से हटाने से संबंधित कार्रवाई प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया. विभाग ने इसे उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना और नियमों के विपरीत बताया है.
तीन दिन में देनी होगी कार्रवाई रिपोर्ट
डीईओ ने दोबारा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि संबंधित शिक्षक के खिलाफ सभी कानूनी और विभागीय कार्रवाई तत्काल पूरी कर तीन दिनों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए.
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में आदेश का अनुपालन नहीं किया गया तो पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकार को पत्र भेजा जाएगा. इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित पदाधिकारी की होगी.
शिक्षक को दिए गए वेतन की होगी वसूली
मामले में स्थापना डीपीओ को निर्देश दिया गया है कि संबंधित शिक्षक को अब तक वेतन मद में किए गए भुगतान की वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाए.
वहीं, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बरौली को पंचायत सचिव को आदेश की प्रति उपलब्ध कराने और कार्रवाई सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा जिला पंचायती राज पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त और जिला पदाधिकारी को भी पूरे मामले की जानकारी भेजी गई है.
