Gopalganj News : बच्चे जिस स्तर पर हैं, उन्हें उसी स्तर से पढ़ाने की जरूरत है. इसी सोच के साथ शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित चार दिवसीय टीचिंग एट द राइट लेवल (टीएआरएल) प्रशिक्षण शुक्रवार को संपन्न हो गया. शिक्षा विभाग के सभागार में 15 से 18 सितंबर तक चले प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों से 60 शिक्षकों ने हिस्सा लिया.
समापन समारोह में प्रशिक्षण के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया. इस दौरान शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर का सरल तरीके से आकलन करने और उसी के आधार पर शिक्षण की रणनीति तैयार करने की तकनीक बतायी गयी.
आकलन के बाद तय होगा बच्चों को कैसे पढ़ाना है
प्रशिक्षण में बताया गया कि सभी बच्चों को एक ही तरीके से पढ़ाने के बजाय उनकी सीखने की क्षमता और स्तर के अनुसार शिक्षण कराया जाना चाहिए. इसके लिए पहले बच्चों का आकलन करने और फिर समान स्तर वाले बच्चों का समूह बनाने पर जोर दिया गया.
प्रशिक्षकों ने बताया कि समूह बनाकर गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने का अवसर देने से उनकी समझ बेहतर होगी. इससे सीखने में पीछे रह गये बच्चों को भी अपनी गति से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.
गतिविधि आधारित शिक्षण से विकसित होंगी बुनियादी दक्षताएं
प्रशिक्षण के दौरान गतिविधि आधारित शिक्षण के जरिये बच्चों में पढ़ने, समझने और बुनियादी गणितीय दक्षता विकसित करने के तरीकों पर जानकारी दी गयी. शिक्षकों को ऐसी गतिविधियों के बारे में बताया गया, जिन्हें विद्यालय में बच्चों के सीखने के स्तर के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है.
प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को कक्षा में बच्चों की जरूरत के अनुसार शिक्षण पद्धति अपनाने के लिए तैयार करना रहा, ताकि सीखने के परिणामों में सुधार लाया जा सके.
विद्यालयों में प्रशिक्षण की तकनीक लागू करने की अपील
प्रशिक्षण जिला तकनीकी टीम के राकेश भारती और श्वेता गुप्ता तथा प्रशिक्षक भूपेश कुमार, मिथलेश तिवारी, भावना कुमारी और शाकम्भनरी ने दिया. प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को प्रशिक्षण में सीखी तकनीकों को विद्यालयों में लागू करने की अपील की.
समापन के मौके पर निपुण बिहार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बच्चों की जरूरत और सीखने के स्तर के अनुसार शिक्षण कराने पर विशेष जोर दिया गया.
