Gopalganj News: कुचायकोट प्रखंड कार्यालय परिसर में शुक्रवार शाम चार बजे अधिशेष शिक्षकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की स्थानांतरण प्रक्रिया से संबंधित अधिसूचना संख्या-1515, दिनांक 21 जुलाई 2026 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई. इस दौरान शिक्षकों ने स्थानांतरण नीति को लेकर गहरी आपत्ति जताई.
रिक्त पदों की संख्या को लेकर उठाए सवाल
बैठक में शिक्षकों ने कहा कि जिले एवं प्रखंड में बेसिक ग्रेड के मात्र 45 रिक्त पद हैं, जबकि 2800 ग्रेड पे के करीब 2,800 शिक्षक कार्यरत हैं. ऐसी स्थिति में केवल 45 रिक्त पदों के आधार पर स्थानांतरण की प्रक्रिया चलाना व्यावहारिक और न्यायसंगत नहीं है. शिक्षकों का कहना था कि मौजूदा व्यवस्था में बड़ी संख्या में अधिशेष शिक्षकों को उनकी पसंद के स्थान पर पदस्थापित होने का अवसर नहीं मिल सकेगा.
मनपसंद स्थान पर पदस्थापना की मांग
शिक्षकों ने बैठक में कहा कि अधिशेष शिक्षकों के लिए ऐच्छिक अथवा मनपसंद स्थान पर पदस्थापना की व्यवस्था की जानी चाहिए. साथ ही स्थानांतरण प्रक्रिया को स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से लागू करने की मांग की गई. शिक्षकों का कहना था कि स्थानांतरण नीति का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब शिक्षकों को उनकी परिस्थितियों के अनुरूप उचित विकल्प उपलब्ध कराया जाए.
मांग पूरी नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाने का निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि शिक्षा विभाग अधिशेष शिक्षकों को ऐच्छिक अथवा मनपसंद स्थानों पर पदस्थापना का अवसर नहीं देता है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष स्थानांतरण की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं करता है, तो शिक्षक इस निर्णय के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेंगे.
शिक्षकों ने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया में व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर कर ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे अधिशेष शिक्षकों को भी न्याय मिल सके.
बैठक में शक्तिनाथ तिवारी, सुमित कुमार, उपेंद्र शुक्ल, अमरेंद्र कुमार, कुमारी कंचन, कुमारी लीलावती सहित कई शिक्षक एवं शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
