Gopalganj News: ग्राम पंचायत राज चुरामनचक के वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट परिसर में रविवार को एसएलडब्ल्यूएम रूल्स–2026 के तहत स्वच्छता कर्मियों के बीच सुरक्षा किट और रंग-कोडित डस्टबिन का वितरण किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता मुखिया गया कुमार सिंह ने की, जबकि पंचायत सचिव सुमन कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही.
कार्यक्रम में स्वच्छता कर्मियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे के पृथक्करण और सुरक्षित तरीके से कार्य करने के बारे में जानकारी दी गयी.
स्रोत पर कचरे का पृथक्करण जरूरी : स्वच्छता पर्यवेक्षक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वच्छता पर्यवेक्षक दिलीप कुमार प्रजापति ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ पंचायत का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक घर से निकलने वाले कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण सुनिश्चित किया जाए.
उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन के लिए रंग-कोडित डस्टबिन का उपयोग बेहद जरूरी है. इसके तहत हरे डस्टबिन में गीला एवं जैविक कचरा, नीले डस्टबिन में सूखा एवं पुनर्चक्रण योग्य कचरा, लाल डस्टबिन में सैनिटरी एवं घरेलू संक्रमित अपशिष्ट तथा काले डस्टबिन में अवशिष्ट एवं गैर-पुनर्चक्रणीय कचरा संग्रहित किया जाएगा.
स्वच्छता कर्मियों को दी गयी सुरक्षा सामग्री
इस अवसर पर सभी स्वच्छता कर्मियों को हेलमेट, रिफ्लेक्टिव सेफ्टी जैकेट, दस्ताने सहित अन्य सुरक्षा सामग्री उपलब्ध करायी गयी. उन्हें कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने और सावधानीपूर्वक काम करने के निर्देश दिए गए.
मुखिया गया कुमार सिंह ने कहा कि पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए जनसहभागिता बढ़ायी जाएगी. उन्होंने कहा कि घर-घर कचरा पृथक्करण को सफल बनाने के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी है.
कचरा मुक्त पंचायत बनाने का लिया संकल्प
पंचायत सचिव सुमन कुमार ने स्वच्छता कर्मियों से अपील की कि वे निर्धारित नियमों के अनुसार कार्य करते हुए पंचायत को स्वच्छ, सुंदर और आदर्श बनाने में अपनी भूमिका निभाएं.
कार्यक्रम के अंत में सभी स्वच्छता कर्मियों ने एसएलडब्ल्यूएम रूल्स–2026 का पालन करने और ग्राम पंचायत राज चुरामनचक को स्वच्छ, स्वस्थ एवं कचरा मुक्त पंचायत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया.
मौके पर उपस्थित लोगों ने स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन बनाने और प्रत्येक परिवार तक जागरूकता पहुंचाने का भी संकल्प व्यक्त किया.
