Gopalganj News : किसानों को समय पर यूरिया नहीं मिलने और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूली की शिकायतों के बीच सोमवार को प्रखंड कृषि कार्यालय में खाद दुकानदारों की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख रॉकी राय ने की. बैठक में कृषि विभाग के पदाधिकारियों ने किसानों से मिल रही शिकायतों को दुकानदारों के सामने रखा, जिसके बाद दुकानदारों ने यूरिया वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए थोक विक्रेताओं से खाद उठाने से इन्कार कर दिया.
दुकानदारों ने बताया, अतिरिक्त लागत से बढ़ रही परेशानी
बैठक में दुकानदारों ने विभागीय अधिकारियों और प्रमुख को बताया कि थोक विक्रेताओं की ओर से उन्हें 280 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया उपलब्ध करायी जा रही है. इसके अलावा रेक प्वाइंट से दुकान तक पहुंचाने के लिए 30 से 42 रुपये तक भाड़ा लिया जाता है. दुकानदारों का आरोप है कि थोक विक्रेताओं द्वारा यूरिया की प्रत्येक बोरी के साथ जिंक, सल्फर सहित अन्य उर्वरक लेने के लिए भी दबाव बनाया जाता है. जबकि कृषि विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि किसानों को यूरिया 266 रुपये प्रति बोरी की निर्धारित दर पर ही उपलब्ध करायी जाए.
266 रुपये में बिक्री करना संभव नहीं, दुकानदारों ने जताई नाराजगी
दुकानदारों ने कहा कि जिस व्यवस्था के तहत उन्हें यूरिया उपलब्ध करायी जा रही है, उसमें अतिरिक्त खर्च के कारण 266 रुपये प्रति बोरी की दर से बिक्री करना उनके लिए संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. इसी कारण प्रखंड क्षेत्र के सभी खाद दुकानदारों ने थोक विक्रेताओं से यूरिया उठाने से इन्कार कर दिया. दुकानदारों ने बैठक के दौरान फोन के माध्यम से इसकी शिकायत जिला कृषि पदाधिकारी से भी की.
जिला कृषि पदाधिकारी ने दिया समाधान का भरोसा
प्रमुख रॉकी राय ने किसान हित को देखते हुए जिला कृषि पदाधिकारी से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की. जिला कृषि पदाधिकारी ने दुकानदारों को जल्द ही समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया. दुकानदारों ने कहा कि यदि उन्हें उचित मूल्य पर यूरिया उपलब्ध करायी जाती है, तो वे किसानों को निर्धारित 266 रुपये प्रति बोरी की दर से खाद उपलब्ध कराएंगे. अन्यथा वे यूरिया का उठाव नहीं करेंगे.
यूरिया नहीं मिली तो किसानों को हो सकता है नुकसान
इधर, दुकानदारों के इस निर्णय से किसान चिंतित हैं. किसानों का कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में यदि समय पर यूरिया नहीं मिली, तो फसलों को काफी नुकसान पहुंच सकता है. बैठक में कृषि समन्वयक सुमंत दुबे, पंकज पांडेय, प्रदीप मिश्र, कृष्णा प्रसाद जायसवाल, केदार नाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में खाद दुकानदार मौजूद रहे.
