Gopalganj News : (प्रशांत पाठक की रिपोर्ट) त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही उचकागांव प्रखंड में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. चाय की दुकानों से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक हर जगह पंचायत चुनाव की चर्चा जोरों पर है. हालांकि चुनावी माहौल के बीच संभावित उम्मीदवारों की बेचैनी भी बढ़ गई है. इसकी मुख्य वजह आरक्षण रोस्टर को लेकर बनी अनिश्चितता है.
आरक्षण रोस्टर में संभावित बदलाव की चर्चाओं ने कई दावेदारों के राजनीतिक समीकरण बिगाड़ दिए हैं. ऐसे में चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे उम्मीदवार अपनी-अपनी सीटों की आरक्षण स्थिति जानने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं.
प्रखंड मुख्यालय में जुट रही भीड़
वार्ड सदस्य, पंच, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) और जिला परिषद सदस्य पद के संभावित उम्मीदवार इन दिनों प्रखंड मुख्यालय के चक्कर लगा रहे हैं. सभी यह जानने को उत्सुक हैं कि इस बार उनकी पंचायत या वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा.
प्रखंड मुख्यालय परिसर में सुबह से ही संभावित उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की भीड़ जुट रही है. लोग प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय और पंचायत शाखा से आरक्षण सूची की जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं.
उचकागांव प्रखंड में हैं 14 पंचायतें
उचकागांव प्रखंड के अंतर्गत कुल 14 पंचायतें हैं. पिछले चुनावों में कई सीटों पर लंबे समय से कुछ चुनिंदा चेहरों का दबदबा रहा है. लेकिन नए आरक्षण रोस्टर की संभावना ने पुराने दिग्गजों की चिंता बढ़ा दी है.
यदि किसी वर्तमान जनप्रतिनिधि की सीट महिला या अन्य आरक्षित वर्ग के खाते में चली जाती है, तो उनके लिए चुनाव लड़ना मुश्किल हो सकता है. ऐसी स्थिति को देखते हुए कई संभावित उम्मीदवार अपने परिवार की महिलाओं या करीबी समर्थकों को चुनाव मैदान में उतारने की रणनीति पर काम कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर बढ़ी सक्रियता
इस बार पंचायत चुनाव में सोशल मीडिया भी अहम भूमिका निभाता नजर आ रहा है। चुनाव लड़ने के इच्छुक युवा और उनके समर्थक फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर लगातार सक्रिय हैं।
आरक्षण रोस्टर का इंतजार
फिलहाल उचकागांव प्रखंड में सभी की निगाहें जिला प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक आरक्षण रोस्टर सूची पर टिकी हैं. सूची जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चुनावी मैदान में कौन अपनी दावेदारी पेश करेगा और किन उम्मीदवारों की रणनीति बदलनी पड़ेगी.
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