Gopalganj News : ( राजेश कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट)
कुचायकोट प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों मोबाइल नेटवर्क की आंख-मिचौली से उपभोक्ता खासे परेशान हैं. नेटवर्क की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि इंटरनेट से जुड़े साधारण कार्यों के लिए भी लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. सबसे अधिक समस्या देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनी जियो के उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही है.
ग्रामीणों का कहना है कि वे महंगे दामों पर 5G स्पेशल पैक इस उम्मीद में रिचार्ज कराते हैं कि उनका काम तेजी से होगा और समय की बचत होगी, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है. उपभोक्ताओं के अनुसार 5G के नाम पर उन्हें 2G जैसी धीमी स्पीड मिल रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.
ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब
यह समस्या पूरे प्रखंड में फैल चुकी है. विशेष रूप से बिहार सीमा से जुड़े ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब बताई जा रही है. अमावां, बथना, बंगरा, पोखरभिंडा, कुचायकोट मुख्यालय सहित दर्जनों गांवों के उपभोक्ता रोजाना इस डिजिटल परेशानी से जूझ रहे हैं.
ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले छात्र, बैंकिंग कार्य करने वाले व्यवसायी और वर्क फ्रॉम होम करने वाले युवा सबसे अधिक प्रभावित हैं, जिनका काफी समय सिर्फ इंटरनेट की धीमी गति और बार-बार होने वाले नेटवर्क फेलियर में ही निकल जा रहा है.
शिकायत के बावजूद भी पहल नहीं
उपभोक्ताओं का कहना है कि नेटवर्क की शिकायत कस्टमर केयर पर करने पर हमेशा 48 घंटे में समाधान का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन यह केवल औपचारिकता बनकर रह गया है. कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है.
महंगे रिचार्ज के बावजूद खराब सेवा मिलने से क्षेत्र के उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश है. स्थानीय लोगों ने मोबाइल कंपनियों के उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से मांग की है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नए मोबाइल टावर लगाए जाएं तथा मौजूदा नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाए, ताकि लोगों को इस डिजिटल परेशानी से राहत मिल सके.
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