गोपालगंज में सावन महोत्सव को लेकर मीरगंज के औघड़दानी शिव मंदिर में तैयारी शुरू, श्रद्धालुओं के लिए होंगे विशेष इंतजाम

मीरगंज स्थित प्राचीन औघड़दानी शिव मंदिर में सावन महोत्सव के लिए जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं. मंदिर न्यास कमेटी ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं की हैं. जानें जलाभिषेक के नए नियम.

Gopalganj News: मीरगंज शहर स्थित प्राचीन औघड़दानी शिव मंदिर में सावन महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. सावन महीने में बाबा औघड़दानी के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर न्यास कमेटी ने विशेष व्यवस्थाएं करने का निर्णय लिया है.

मंदिर परिसर में साफ-सफाई और अन्य तैयारियों का काम शुरू कर दिया गया है. मंदिर न्यास कमेटी की बैठक में सावन महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की गई. बैठक की अध्यक्षता कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विनोद व्यास ने की. बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

महिला श्रद्धालुओं के लिए होगी अलग कतार

मंदिर समिति ने सावन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए महिला भक्तों के लिए अलग पंक्ति की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है. इसके अलावा भीड़ नियंत्रण के लिए श्रद्धालुओं का प्रवेश दो अलग-अलग द्वारों से कराया जाएगा. समिति का मानना है कि इससे जलाभिषेक और दर्शन में भक्तों को परेशानी नहीं होगी.

सुबह 7 से 7:30 बजे तक नहीं होगा जलाभिषेक

औघड़दानी मंदिर समिति की ओर से जारी नियमावली के अनुसार प्रतिदिन सुबह के श्रृंगार के लिए 7 बजे से 7:30 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है. इस अवधि में महादेव का जलाभिषेक स्थगित रहेगा. श्रृंगार पूरा होने के बाद सुबह 7:31 बजे से श्रद्धालु फिर से जलाभिषेक कर सकेंगे.

शाम की पूजा व्यवस्था में भी बदलाव

संध्याकालीन व्यवस्था के तहत श्रद्धालु शाम 7:15 बजे तक ही गर्भगृह में दीपक जला सकेंगे. दीपक दिखाने के बाद उसे गर्भगृह से बाहर रखना अनिवार्य होगा. इसके बाद शाम 7:25 बजे से भगवान का संध्या स्नान और श्रृंगार शुरू होगा, जिसे रात 9 बजे तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

सावन के सोमवार को रात 12:40 बजे से शुरू होगा जलाभिषेक

मंदिर समिति ने बताया कि सावन के सोमवार को विशेष व्यवस्था की जाएगी. प्रत्येक सोमवार को मध्यरात्रि 12:40 बजे से ही श्रद्धालुओं के लिए जलाभिषेक शुरू कर दिया जाएगा. वहीं, सोमवार को छोड़कर अन्य दिनों में मंदिर के कपाट सुबह 3:59 बजे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे.

मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से बाबा औघड़दानी का दर्शन और जलाभिषेक करें, ताकि सभी भक्तों को सुविधा मिल सके.

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Author: Prashant pathak

Published by: Vivek Ranjan

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