गोपालगंज के मांझा पंचायत समिति बैठक में स्वास्थ्य, राशन, नल-जल और अतिक्रमण के मुद्दों पर गरजे जनप्रतिनि

गोपालगंज के मांझा में पंचायत समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए. उप स्वास्थ्य केंद्रों की जर्जर व्यवस्था, आशा कार्यकर्ता बहाली में अनियमितता, राशन वितरण में कटौती और नल-जल योजना की विफलता जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे.

Gopalganj News: गोपालगंज जिले के मांझा प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में गुरुवार को पंचायत समिति की महत्वपूर्ण बैठक प्रखंड प्रमुख वाजिद अली की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक का संचालन बीडीओ वैभव शुक्ला की देखरेख में किया गया. इस दौरान प्रखंड क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई.

बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आंगनबाड़ी, राजस्व, पेयजल एवं जनवितरण प्रणाली समेत विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई. संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति की जानकारी पंचायत समिति सदस्यों को दी.

उप स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल व्यवस्था पर उठे सवाल

बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने पंचायतों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया. बगरा पंचायत के बीडीसी सदस्य ने जजर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र को नियमित रूप से भवन में संचालित कराने की मांग की.

वहीं निमुइया पंचायत के मुखिया विनोद सहनी ने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र में न तो चिकित्सक नियमित रूप से आते हैं और न ही नर्स की उपस्थिति रहती है. इससे ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं.

आशा कार्यकर्ता बहाली पर निष्पक्ष जांच की मांग

सिपाहखास पंचायत के मुखिया ओमप्रकाश ने आशा कार्यकर्ता की बहाली प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बिना ग्रामसभा आयोजित किए मात्र दो दिनों में चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.

राशन वितरण और नल-जल योजना पर भी उठा मुद्दा

बैठक में जनवितरण प्रणाली को लेकर भी सदस्यों ने गंभीर सवाल उठाए. कई पंचायत समिति सदस्यों ने आरोप लगाया कि लाभुकों को निर्धारित पांच किलोग्राम की जगह केवल चार किलोग्राम अनाज दिया जा रहा है. उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

इसके साथ ही कई पंचायतों में नल-जल योजना बंद रहने का मुद्दा भी सदन में गूंजा. जनप्रतिनिधियों ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई गांवों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है.

सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग

बैठक में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला भी उठा. पंचायत प्रतिनिधियों ने अंचल पदाधिकारी से सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की, ताकि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में कोई बाधा न आए.

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आंगनबाड़ी केंद्रों की साफ-सफाई पर जोर

जनप्रतिनिधियों ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के आसपास नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने, जलजमाव की समस्या दूर करने तथा केंद्रों पर बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी.

बीडीओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

बैठक के अंत में बीडीओ वैभव शुक्ला ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.

बैठक में उप प्रमुख अरविंद कुमार गुप्ता, पंचायती राज पदाधिकारी प्रदीप कुमार, अंचल पदाधिकारी शमा परवीन, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.

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By कुमार अखिल

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