बाल श्रम के खिलाफ श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, गोपालगंज से पांच बच्चे कराए गए विमुक्त

गोपालगंज जिले में बाल श्रम के खिलाफ श्रम विभाग और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पांच दुकानों से पांच बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है. इन बच्चों को तत्काल आर्थिक सहायता भी दी गई है.

Gopalganj News : गोपालगंज जिले में बाल श्रम के खिलाफ शनिवार को श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर पांच बाल श्रमिकों को विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों से विमुक्त कराया. कार्रवाई श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग तथा जिला प्रशासन के निर्देश पर की गयी. अभियान के दौरान टीम ने जादोपुर रोड, बसडीला बाजार और जादोपुर मोड़ स्थित कई प्रतिष्ठानों की जांच की.

पांच दुकानों से एक-एक बाल श्रमिक कराया गया विमुक्त

धावा दल ने जादोपुर रोड स्थित सूर्या स्वीट्स एंड चाट हाउस, बसडीला बाजार की बिट्टू मछली दुकान और दीपक कुमार मछली दुकान, जादोपुर मोड़ स्थित अंसारी बिरयानी कबाब हाउस तथा ओवरब्रिज के नीचे स्थित चौधरी चंपारण मीट हाउस में जांच की. इस दौरान सभी पांच प्रतिष्ठानों से एक-एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया.

संयुक्त टीम ने प्रतिष्ठानों में काम कर रहे बच्चों की पहचान की और उन्हें तत्काल नियोजन से मुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों में बाल श्रम से जुड़े प्रावधानों की भी जांच की गयी.

पांचों बच्चों को तीन-तीन हजार रुपये की सहायता

अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी गोपालगंज सदर, थावे, सिधवलिया और मांझा के साथ पुलिस लाइन का पुलिस बल शामिल रहा. विमुक्त कराये गये सभी पांच बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया.

श्रम अधीक्षक के अनुसार प्रत्येक बाल श्रमिक को तत्काल तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी गयी. इसके साथ ही बच्चों के पुनर्वास और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी की जायेगी.

नियोजकों पर प्राथमिकी का निर्देश

श्रम अधीक्षक ने संबंधित श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को सभी नियोजकों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है. साथ ही बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.

जिला प्रशासन ने कहा कि बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना कानूनन अपराध है. जिले में बाल श्रम के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा. प्रशासन की ओर से विमुक्त बच्चों के पुनर्वास और उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में भी कार्रवाई की जायेगी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मनीष राज

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >