Gopalganj News: जिले के कुचायकोट थाना परिसर में शुक्रवार को आस्था, भक्ति और सनातन परंपरा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला. वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्ण विधि-विधान के साथ वार्षिक सती पूजा का भव्य आयोजन किया गया, जिससे पूरा थाना परिसर दिनभर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. इस पावन अवसर पर थाना परिसर स्थित मां सती के मंदिर को फूलों और आकर्षक लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया था.
अनुष्ठान का शुभारंभ शास्त्रों के अनुरूप शुभ मुहूर्त में यज्ञाचार्य पं. भरत बाबा, आचार्य पं. नवेन्दु शेखर पांडेय, पं. दिनेश चौबे, पं. शंभू चौबे, पं. शिवानंद चौबे और पं. संजय चौबे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराया गया. परंपरा के अनुसार थानाध्यक्ष दर्पण सुमन अपनी धर्मपत्नी के साथ मुख्य यजमान की भूमिका में उपस्थित रहे और क्षेत्र की शांति, सुरक्षा व सुख-समृद्धि के लिए विधिवत संकल्प लिया.
आकर्षण का केंद्र रहा 'खाकी' वालों का 'पीला' परिधान
हमेशा कड़क खाकी वर्दी और अनुशासन में दिखने वाले पुलिस अधिकारी, जवान और चौकीदार इस धार्मिक उत्सव में पूरी तरह सनातन रंग में रंगे नजर आए. आपसी सद्भाव और सेवा भाव का परिचय देते हुए सभी पुलिसकर्मियों ने पीले रंग की धोती, सफेद कुर्ता और पीला गमछा धारण कर रखा था. वर्दी छोड़ भक्ति और सेवा भाव में लीन पुलिसकर्मियों का यह पारंपरिक स्वरूप श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा.
महाप्रसाद के लिए उमड़ी हजारों की भीड़, देर रात तक चला भंडारा
पूजा-अर्चना और मां सती के दिव्य शृंगार दर्शन के बाद आयोजित विशाल महाभंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के लिए कुचायकोट सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से हजारों की संख्या में प्रबुद्ध नागरिक और श्रद्धालु पहुंचे. पीली धोती धारण किए पुलिसकर्मी खुद पंक्तिबद्ध तरीके से लोगों को बैठाकर भोजन कराने और महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था में देर रात तक तत्परता से जुटे रहे.
प्रशासनिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग रहे मौजूद
धार्मिक अनुष्ठान में पुलिस और नागरिक प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. मौके पर बीडीओ आदित्य प्रकाश, एडीओ अशरफ अली, बीईओ अशोक सिंह, आरओ मनन शुक्ला, मुखिया गुड्डू सिंह, बाला शर्मा सहित पुलिस पदाधिकारी एसआई संजीत कुमार, एसआई प्रिंस कुमार, उपेन्द्र यादव, राम पदारथ पंडित, मकबूल अहमद, रंजन कुमार, रामाशीष सिंह, शैलेश कुमार, एसआई स्मृति, सुनीता कुमारी, नितेश कुमार और चौकीदार दल मौजूद रहा.
