Gopalganj News : हथुआ के ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में गुरुवार की शाम भगवान श्रीकृष्ण का छठियार महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया. फूलों और आकर्षक रोशनी से सजे मंदिर परिसर में शाम होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी. देर रात तक भजन, रासलीला और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण कृष्णमय बना रहा.
56 भोग लगाकर हुई महाआरती
महोत्सव के दौरान आचार्य पं. आशुतोष तिवारी ने विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण का पूजन कराया. इसके बाद भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया. महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. आचार्य ने बताया कि षष्ठी के दिन षष्ठी देवी, स्कंद और प्रद्युम्न की पूजा का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस पूजा से बालक की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना पूरी होती है.
राज परिवार ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ हथुआ राज के महाराज मृगेंद्र प्रताप साही, महारानी पूनम साही, कुमार कौस्तुभ मणि प्रताप साही और युवरानी विदिशा साही ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम की शुरुआत हथुआ इंपीरियल पब्लिक स्कूल, छपरा के बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित रंगारंग प्रस्तुति से की.
बाल कलाकारों की रासलीला बनी आकर्षण का केंद्र
बाल कलाकारों की रासलीला श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही. राधा-कृष्ण की लीलाओं की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया. इसके अलावा बिहू नृत्य, बंगाली लोकनृत्य और भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों ने भी खूब तालियां बटोरीं. देर रात तक श्रद्धालु गीत-संगीत और नृत्य का आनंद लेते रहे. कार्यक्रम के समापन पर महाराज मृगेंद्र प्रताप साही ने कलाकारों और बच्चों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया.
जादोपुर रोड के दुर्गा मंदिर में भी हुआ छठियार
गोपालगंज के जादोपुर रोड स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में भी श्रीकृष्ण छठियार का आयोजन किया गया. ठाकुर जी को 56 भोग लगाने के बाद प्रसाद वितरण शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया. आयोजन में शिव प्रकाश उपाध्याय, देवेंद्र पांडेय, सुनील पांडेय, गजेंद्र दुबे, सुधांशु दुबे और अभिषेक शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
बंगरा शिव मंदिर में भी हुआ भव्य अनुष्ठान
कुचायकोट प्रखंड के बंगरा शिव मंदिर में भी श्रीकृष्ण छठियार के अवसर पर भव्य अनुष्ठान किया गया. 56 भोग अर्पित करने के बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. इस दौरान गांव के लोग भक्ति में तल्लीन रहे. कार्यक्रम का आयोजन मंदिर के महंथ दिनबंधु दास जी महाराज के नेतृत्व में किया गया.
