Gopalganj News: जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और नए उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला पदाधिकारी समीर सौरव की अध्यक्षता में इनवेस्टर मीट एवं सिंगल विंडो क्लियरेंस कमेटी की बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, प्रमुख उद्यमियों तथा व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस दौरान करीब 93.12 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े पांच नए उद्योगों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई. इन परियोजनाओं के शुरू होने पर जिले में लगभग 150 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है.
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला वन पदाधिकारी, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, नगर निकाय के अधिकारी, श्रम अधीक्षक, जिला गन्ना पदाधिकारी, बीआईएडीए के डीजीएम, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजीव कुमार 'पिंकी', सचिव सुनील कुमार रौनियार सहित कई उद्यमी मौजूद रहे.
उद्योग विभाग ने निवेश की संभावनाओं का प्रस्तुत किया खाका
बैठक की शुरुआत जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने स्वागत भाषण से की. इसके बाद उन्होंने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (SIPB) तथा बीआईएडीए की उपलब्ध औद्योगिक भूमि, निवेश प्रक्रिया और जिले में उद्योग स्थापना की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी. अधिकारियों और निवेशकों के बीच उद्योगों के विकास को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई.
इन पांच उद्योगों में होगा निवेश
बैठक में जिन नई औद्योगिक इकाइयों के प्रस्तावों पर विचार किया गया, उनमें.
- हक एग्रो इंडस्ट्रीज. 1.25 करोड़ रुपये.
- श्री शिरडी साईनाथ पावर इन्फ्राटेक. 87.55 करोड़ रुपये.
- कैशव प्रोसेसिंग. 2 करोड़ रुपये.
- चौपसकार्ट. 32 लाख रुपये.
- बिहार मेटल इंडस्ट्रीज. 3 करोड़ रुपये.
इन सभी परियोजनाओं में कुल 93.12 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे जिले में लगभग 150 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है.
उद्यमियों ने उठाईं बिजली और बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं
बैठक के दौरान उद्यमियों ने उद्योग संचालन में आ रही विभिन्न समस्याओं से जिला पदाधिकारी को अवगत कराया. विशेष रूप से बिजली की लो-वोल्टेज (डिपिंग), बीआईएडीए फेज-2 में सड़क, नाला और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया.
डीएम ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश
उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए डीएम समीर सौरव ने गोपालगंज और हथुआ के विद्युत कार्यपालक अभियंताओं तथा बीआईएडीए के डीजीएम को आवश्यक कार्रवाई कर जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि जिले में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित किया जा सके.
बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.
