Shiva Parvati Puja: सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और कुंवारियां मनचाहे वर की कामना को लेकर 14 सितंबर को हरितालिका तीज का निर्जला व्रत रखेंगी. इस अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जायेगी. तीज पर्व को लेकर महिलाओं ने रविवार को पूजन सामग्री, साड़ी, चूड़ी, शृंगार प्रसाधन और मिठाइयों की जमकर खरीदारी की. शहर के बाजारों में सुबह से देर शाम तक चहल-पहल बनी रही.
ज्योतिषाचार्य पं राजेश्वरी मिश्र ने बताया कि उदयातिथि की प्रधानता होने के कारण सोमवार को दिनभर तृतीया तिथि रहेगी. इसलिए पूरे दिन हरितालिका तीज का व्रत मनाया जायेगा. सुहागिनें दिनभर निर्जला व्रत का संकल्प लेकर अष्ट प्रहर की पूजा करेंगी. भगवान शिव को वस्त्र, जनेऊ, भांग-धतूरा और 16 प्रकार की पत्तियां अर्पित की जायेंगी, जबकि माता पार्वती को सुहाग पिटारी में 16 प्रकार की सुहाग सामग्री चढ़ायी जायेगी.
ब्रह्म मुहूर्त से शुरू होगी पूजा, प्रदोष काल में भी विशेष महत्व
तीज की पूजा ब्रह्म मुहूर्त से शुरू होगी और प्रदोष काल में भी पूजा-अर्चना की जायेगी. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:32 बजे से 05:19 बजे तक रहेगा. सुबह का शुभ मुहूर्त 06:12 से 07:06 बजे तक तथा अभिजीत मुहूर्त 11:52 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक रहेगा. प्रदोष काल में शाम 06:27 बजे के बाद पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है.
16 सुहाग सामग्री और 16 पत्तियों से होगी गौरी-शंकर की पूजा
धर्मशास्त्र विशेषज्ञ पं कैलाश मिश्र ने बताया कि हरितालिका तीज पर 16 प्रकार की सुहाग सामग्री और 16 प्रकार की पत्तियों से गौरी-शंकर की पूजा की जाती है. पूजन के दौरान पत्तियां उल्टी तथा फूल और फल सीधे चढ़ाने की परंपरा है. इसके साथ ऋतु फल, भीगे चने, सत्तू, भांग, धतूरा और मिठाइयों का भोग लगाया जाता है.
अलग-अलग पत्तियों के पूजन से अलग-अलग फल की मान्यता
यज्ञाचार्य डॉ पंकज शुक्ला ने बताया कि बिल्वपत्र से सौभाग्य, चमेली के पत्ते से संतान सुख, सेवंतिका से दांपत्य जीवन में मधुरता और बांस के पत्ते से वंश वृद्धि की मान्यता है. देवदार पत्र से ऐश्वर्य व कीर्ति, चंपा पत्र से सौंदर्य व उत्तम स्वास्थ्य तथा कनेर पत्र से यश व मानसिक सुख की कामना की जाती है.
तीज को लेकर मेहंदी और शृंगार की दुकानों पर रही भीड़
तीज पर्व की तैयारियों को लेकर शहर के ब्यूटी पार्लरों और मेहंदी दुकानों पर महिलाओं व युवतियों की भीड़ रही. मीरगंज चिक टोली स्थित ब्यूटी पार्लर सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने हाथों में मेहंदी लगवायी. महिलाओं ने सजने-संवरने के लिए ब्यूटी पार्लरों का रुख किया.
साड़ी, मिठाई और कॉस्मेटिक दुकानों पर बढ़ी खरीदारी
तीज को लेकर रविवार को शहर के बाजारों में अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रही. बहू-बेटियों को तीज भेजने की परंपरा के कारण घेवर, गुझिया और अन्य मिठाइयों की बिक्री भी खूब हुई. महिलाओं ने नयी साड़ी, कपड़े, शृंगार सामग्री और पूजा के सामानों की खरीदारी की.
लाल चूड़ियों की सबसे अधिक मांग
हरितालिका तीज पर चूड़ी पहनने का भी विशेष महत्व माना जाता है. सुहागिन महिलाएं इस दिन नयी चूड़ियां पहनती हैं. बाजार में कांच की लाल चूड़ियों की सबसे अधिक मांग रही. नवविवाहिताओं ने हरे, पीले और नीले रंग की चूड़ियों की भी खरीदारी की. शहर के मेन रोड, मौनिया चौक, स्टेशन रोड और अन्य बाजारों में दिनभर चहल-पहल बनी रही.
