Gopalganj Weather: शनिवार की सुबह आठ बजते ही आसमान से बादल गायब हो गये. सुबह से ही धूप के कारण लोग बेचैन रहे. दिन की शुरुआत खिली धूप और साफ आसमान के साथ हुई. मौसम विभाग के अनुसार रात में भी गर्मी और उमस का अहसास बना रहेगा. उत्तर बिहार में 22 सितंबर तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है. इस दौरान अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी से दिन में गर्मी और उमस बढ़ सकती है. हालांकि कुछ स्थानों पर हल्के बादल छाये रहने और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना है.
23 सितंबर से बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती सिस्टम बनने की संभावना जतायी गयी है. इसके सक्रिय होने के साथ ही तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार बन सकते हैं. मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि 19 से 22 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क बना रहेगा.
34 से 35 डिग्री के बीच रहेगा अधिकतम तापमान
मौसम विज्ञानी के अनुसार इस अवधि में उत्तर बिहार का अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 80 से 90 प्रतिशत तथा दोपहर में 55 से 60 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इस दौरान पूर्वी या दक्षिण-पूर्वी दिशा से 12 से 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है.
तीन दिनों में 4 एमएम वर्षा दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार पिछले तीन दिनों में उत्तर बिहार का औसत अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस दौरान औसतन 5.8 घंटे धूप खिली और 4 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गयी. सुबह में औसत आर्द्रता 92 प्रतिशत तथा दोपहर में 73 प्रतिशत रही, जबकि हवा की औसत गति 4.4 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गयी.
धान की फसल में पानी का रखें ध्यान
सिपाया कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनुपमा ने बदलते मौसम को देखते हुए किसानों को समसामयिक कृषि सलाह जारी की है. मक्का की फसल में टेसलिंग से सिल्किंग अवस्था के दौरान 30 किलोग्राम नत्रजन प्रति हेक्टेयर की दर से अंतिम उपरियेशन करने की सलाह दी गयी है.
किसानों को जरूरत पड़ने पर धान की फसल की सिंचाई करने की सलाह दी गयी है. यह धान में बालियां निकलने की अवधि है, इसलिए फसल को पानी की जरूरत होती है.
शकरकंद की बोआई के लिए हल्की बलुई दोमट मिट्टी का चयन
कृषि वैज्ञानिक ने शकरकंद की बोआई के लिए हल्की बलुई दोमट मिट्टी का चयन करने की सलाह दी है. इसके साथ ही राजेंद्र शकरकंद-5, 35, 43, 47, 92 तथा कालमेघ जैसी अनुशंसित किस्मों का उपयोग करने की सलाह दी गयी है.
