Electricity Consumer: शहर के नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर-14 निवासी बिजली उपभोक्ता ध्रुव मिश्र ने स्मार्ट मीटर में बैलेंस कटौती को लेकर विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं. उपभोक्ता का दावा है कि स्मार्ट मीटर में राशि लगातार कम होती गयी, जबकि इस दौरान लंबे समय तक बिजली आपूर्ति भी बाधित रही. उन्होंने पूरे मामले की जांच कर मीटर रीडिंग और बैलेंस से काटी गयी राशि का पूरा हिसाब स्पष्ट करने की मांग की है.
27 अगस्त को ₹247.41, अगले दिन घटकर ₹191.51 हुआ बैलेंस
ध्रुव मिश्र के अनुसार, 27 अगस्त को उनके स्मार्ट मीटर में ₹247.41 का बैलेंस दिख रहा था. इसके अगले दिन 28 अगस्त को सुबह 10.17 बजे बैलेंस घटकर ₹191.51 रह गया. वहीं, 29 अगस्त को सुबह 6.12 बजे मीटर में ₹90.24 माइनस बैलेंस प्रदर्शित होने लगा.
उपभोक्ता ने इतनी तेजी से बैलेंस कम होने को लेकर सवाल उठाया है. उनका कहना है कि मीटर में दर्ज खपत और खाते से काटी गयी राशि के बीच अंतर की स्थिति को विभाग को स्पष्ट करना चाहिए.
₹500 जमा करने के बाद ₹1,573 माइनस होने का दावा
उपभोक्ता की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार, 24 अगस्त को बिजली बिल के लिए ₹500 जमा किये गये थे. इसके बाद एक सितंबर को स्मार्ट मीटर में करीब ₹1,573 माइनस बैलेंस दिखने का दावा किया गया है.
उपभोक्ता का सवाल है कि इतनी राशि किस आधार पर काटी गयी. उनका कहना है कि मीटर में बैलेंस की पूरी जानकारी और कटौती का विवरण उपभोक्ता को आसानी से उपलब्ध कराया जाना चाहिए.
बिजली आपूर्ति बाधित रहने के बावजूद बैलेंस कटौती पर सवाल
ध्रुव मिश्र का कहना है कि 27 अगस्त को शहर में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही. उनके अनुसार, रात करीब 11 बजे से सुबह 6 बजे तक और 28 अगस्त को दोपहर करीब 2.30 बजे से रात 11.30 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही.
उपभोक्ता का दावा है कि करीब 14 घंटे 30 मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के बावजूद स्मार्ट मीटर के बैलेंस में राशि कम होती रही. इसी को लेकर उन्होंने वास्तविक बिजली खपत और मीटर से काटी गयी राशि का मिलान कराने की मांग की है.
स्मार्ट मीटर में कटौती का हिसाब मांग रहे उपभोक्ता
ध्रुव मिश्र ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मीटर में बैलेंस किस आधार पर कम हो रहा है, इसकी जानकारी उपभोक्ता को स्पष्ट रूप से मिलनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं के खाते से मनमाने तरीके से राशि काटी जा रही है.
हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. उपभोक्ता ने मांग की है कि मीटर में दर्ज रीडिंग, बिजली की वास्तविक खपत और काटी गयी राशि का मिलान कर विभाग पूरे मामले की जांच करे.
पहले भी वकालतनामा नोटिस भेजे जाने का दावा
ध्रुव मिश्र के अनुसार, इसी तरह की शिकायत को लेकर पूर्व में भी बिहार विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, गोपालगंज को वकालतनामा नोटिस भेजा जा चुका है. उनका कहना है कि नोटिस भेजे जाने के बावजूद विभाग की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है.
उपभोक्ता ने विभाग से स्मार्ट मीटर में हुई कथित कटौती की जांच कराने और राशि का पूरा विवरण उपलब्ध कराने की मांग की है.
