Sawan Last Somwari: पवित्र सावन मास की चौथी और अंतिम सोमवारी पर सोमवार को जिले के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हजारों शिवभक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे. प्रमुख मंदिरों में सुबह जलाभिषेक व रुद्राभिषेक तथा शाम में महाआरती का आयोजन होगा.
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर तैयारी पूरी कर ली है. मंदिर समितियों की ओर से भी स्थानीय स्तर पर वालंटियर तैनात किये गये हैं, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में परेशानी न हो.
शहर के शिव मंदिरों में विशेष तैयारी
शहर के जनता सिनेमा रोड स्थित बालखंडेश्वर महादेव मंदिर, जादोपुर रोड स्थित शिव मंदिर, पुलिस लाइन स्थित शिव मंदिर और अफसर कॉलोनी स्थित चंद्रमौलिश्वर महादेव मंदिर में विशेष व्यवस्था की गयी है.
इसके अलावा कुचायकोट के भठवां व अमवां स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर, विजयीपुर के बाबा विजयनाथ महादेव मंदिर, रमजिता स्थित कर्तानाथ रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर, बंगरा, बथना, पहाड़पुर, बलिवन सागर, शाहपुर पकड़ीयार और गरेयाखाल स्थित भुवनेश्वरनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की संभावना है.
ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में भी उमड़ेगा सैलाब
थावे रोड स्थित हलखोरी साह के तालाब के पास ऐतिहासिक शिव मंदिर, बंजारी, बसडीला और मशानथाना के महादेव मंदिर में भी जलाभिषेक को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.
भोरे के लच्छीचक स्थित महाभारत कालीन राजा भूरिश्रवा द्वारा स्थापित महादेव मंदिर, कटेया के गौरा व घुर्नाकुंड, फुलवरिया के ऐतिहासिक कोयला देवा महादेव मंदिर, हथुआ के बउरहवां बाबा और इटवा धाम स्थित महादेव मंदिर में भी भक्तों की कतार लगने की संभावना है.
मांझा के उदंत राय के बंगरा गांव स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर और कोईनी शिव मंदिर, सिधवलिया के शेर स्थित महादेव मंदिर तथा डुमरिया के प्राचीन महादेव मंदिर में भी विशेष तैयारी की गयी है.
लखरांव शिव मंदिर में भी उमड़ेगी भीड़
भोरे प्रखंड के ऐतिहासिक हथुआ राज के प्राचीन लखरांव स्थित शिव मंदिर में अंतिम सोमवारी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किये गये हैं.
श्रद्धालुओं को सुगमता से पूजा कराने के लिए रविवार को ही मंदिर के मुख्य द्वार पर अर्घा (ढोंगा) लगाया गया. इससे भक्त बाहर से ही शिवलिंग पर जल, दूध, फूल और बेलपत्र अर्पित कर सकेंगे. मंदिर परिसर और आसपास विशेष साफ-सफाई भी करायी गयी है.
पोखरे का जलस्तर बढ़ने से विशेष सतर्कता
मंदिर के मुख्य पुजारी बृजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि हालिया बारिश के कारण मंदिर से सटे पोखरे का जलस्तर बढ़ गया है. मंदिर और पोखरे के बीच कम जगह होने के कारण सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
भीड़ नियंत्रण और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए भोरे थाना पुलिस को सूचना दी गयी है. अहले सुबह से श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से सुरक्षित जलार्पण कराने पर जोर रहेगा.
बउरहवां शिव मंदिर में 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
सावन की अंतिम सोमवारी पर हथुआ के बड़ा कोइरौली स्थित बउरहवां शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है. मंदिर प्रबंधन के अनुसार करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है.
शिवभक्त इटवा धाम स्थित बाणगंगा नदी से जल भरकर गाजे-बाजे के साथ पैदल यात्रा करते हुए बउरहवां शिव मंदिर पहुंचेंगे. श्रद्धालु हाथों में जल लेकर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ आगे बढ़ेंगे.
यात्रा के दौरान हथुआ, मीरगंज और कपरपुरा समेत विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों की ओर से पेयजल और शरबत के स्टॉल लगाए जायेंगे. शिवभक्तों की सेवा के लिए स्थानीय लोग भी बढ़-चढ़कर सहयोग करेंगे.
बाणगंगा नदी से जल भरने से लेकर बउरहवां शिव मंदिर में जलाभिषेक तक पूरा मार्ग सोमवार को भक्तिमय माहौल में डूबा रहेगा.
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