गोपालगंज मॉडल सदर अस्पताल में बेड की भारी कमी, एक बेड पर दो मरीजों का इलाज

Gopalganj News: 37 करोड़ की लागत से बने अस्पताल में नहीं मिल रही पर्याप्त सुविधा, इमरजेंसी वार्ड में 100 बेड के बदले सिर्फ 38 पर ही हो रहा इलाज

Gopalganj News: (मनीष राज) गोपालगंज से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित मॉडल सदर अस्पताल में मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं. करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से बने इस अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड तो तैयार कर दिया गया है, लेकिन मरीजों की संख्या के अनुरूप बेड की व्यवस्था नहीं हो सकी है.

मंगलवार सुबह अस्पताल से सामने आई तस्वीरों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी. बेड की कमी के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

100 बेड की जगह सिर्फ 38 बेड पर हो रहा इलाज

जानकारी के अनुसार मॉडल सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में 100 बेड की व्यवस्था प्रस्तावित है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 38 बेड ही संचालित हैं. मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण एक ही बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज किया जा रहा है.

स्थिति इतनी गंभीर है कि कई मरीजों को बेड नहीं मिलने पर व्हीलचेयर पर बैठाकर ऑक्सीजन दी जा रही है. इससे अस्पताल प्रबंधन की तैयारियों और संसाधनों पर सवाल उठ रहे हैं.

मरीजों ने बताई अपनी परेशानी

मांझा थाना क्षेत्र के 65 वर्षीय छबीला बैठा ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में बेड की भारी कमी है. उन्हें लगभग दो घंटे तक व्हीलचेयर पर ही ऑक्सीजन लगाकर इलाज कराना पड़ा, जिससे काफी परेशानी हुई.

नगर थाना क्षेत्र के सरिया वार्ड संख्या-2 निवासी सुरेंद्र बैठा ने कहा कि पर्याप्त बेड नहीं होने के कारण एक ही बेड पर दो मरीजों का इलाज किया जा रहा है. इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है.

वहीं जादोपुर थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव की सविता देवी ने बताया कि तेज गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन की शिकायत होने पर वह अस्पताल पहुंचीं, लेकिन बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण इलाज कराए बिना ही वापस लौटना पड़ा.

जल्द बढ़ाई जाएगी बेड की संख्या

सदर अस्पताल के कर्मचारी जान मोहम्मद ने बताया कि फिलहाल इमरजेंसी वार्ड में 38 बेड ही चालू हैं. हालांकि अतिरिक्त हॉल को इमरजेंसी वार्ड में शामिल कर जल्द ही बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी.

उन्होंने बताया कि भविष्य में अस्पताल में कुल 500 बेड की व्यवस्था करने की योजना है. इसमें 100 बेड इमरजेंसी वार्ड, 300 बेड एमसीएच वार्ड तथा 100 बेड सीसीयू के लिए निर्धारित किए गए हैं.

गर्मी और वायरल बुखार से बढ़ा मरीजों का दबाव

अस्पताल प्रशासन के अनुसार भीषण गर्मी, डिहाइड्रेशन और वायरल बुखार के बढ़ते मामलों के कारण मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में उपलब्ध संसाधन कम पड़ते नजर आ रहे हैं.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम जनित बीमारियों के इस दौर में अस्पतालों में पर्याप्त बेड और संसाधनों की उपलब्धता बेहद जरूरी है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके.

मरीजों को बेहतर सुविधा कब मिलेगी?

करोड़ों रुपये की लागत से बने मॉडल सदर अस्पताल में बेड की कमी और संसाधनों का अभाव कई सवाल खड़े कर रहा है. मरीजों और उनके परिजनों की निगाहें अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि आखिर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कब तक उपलब्ध हो पाएंगी और इस समस्या का स्थायी समाधान कब निकलेगा.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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