मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गोपालगंज के 239 शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण, हर स्कूल में बनेगी सुरक्षा टीम

Gopalganj News: गोपालगंज में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत 239 शिक्षकों को राज्यस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में फोकल शिक्षक सुरक्षा गतिविधियों, मॉक ड्रिल और आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे.

Gopalganj News (विकास दुबे): सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने अहम पहल की है. मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जिले के 239 शिक्षकों को राज्यस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में फोकल शिक्षक के रूप में कार्य करेंगे और विद्यालय सुरक्षा से जुड़ी सभी गतिविधियों का संचालन करेंगे.

चार दिनों तक चलेगा राज्यस्तरीय प्रशिक्षण

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश पर जिला शिक्षा विभाग ने नामित शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की तैयारी पूरी कर ली है.

प्रशिक्षण का कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • 6 और 7 जुलाई: 106 शिक्षक प्रशिक्षण में भाग लेंगे.
  • 8 और 9 जुलाई: 133 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.

यह प्रशिक्षण पटना सिटी स्थित पटना साहिब भवन, गुरु का बाग में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित किया जाएगा.

हर विद्यालय में होगा एक फोकल शिक्षक

शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार जिले के प्रत्येक माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय से एक शिक्षक को फोकल शिक्षक बनाया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद यही शिक्षक विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे और छात्रों को आपदा से बचाव के लिए प्रशिक्षित करेंगे.

आपदा प्रबंधन और प्राथमिक उपचार की मिलेगी ट्रेनिंग

  • भूकंप के दौरान बचाव के उपाय.
  • आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी.
  • बाढ़ और वज्रपात से सुरक्षा.
  • प्राथमिक उपचार (First Aid).
  • जोखिम न्यूनीकरण (Risk Reduction).
  • विद्यालय सुरक्षा योजना तैयार करने की प्रक्रिया.
  • मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम का प्रभावी संचालन.

अब स्कूलों में नियमित होगी मॉक ड्रिल

प्रशिक्षण के बाद सभी विद्यालयों में ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा. इसके तहत छात्रों और शिक्षकों को आपदा के समय सुरक्षित रहने के उपाय बताए जाएंगे. साथ ही समय-समय पर मॉक ड्रिल, आपदा जागरूकता अभियान और आपातकालीन प्रतिक्रिया का अभ्यास भी कराया जाएगा.

सुरक्षा संस्कृति विकसित करने पर जोर

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से विद्यालयों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी. किसी भी आपदा या आपात स्थिति में छात्र-छात्राएं और शिक्षक बेहतर ढंग से अपनी सुरक्षा कर सकेंगे. प्रशिक्षण प्राप्त फोकल शिक्षक विद्यालयों में सुरक्षा गतिविधियों की नियमित निगरानी भी करेंगे, जिससे मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा.

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