Gopalganj News (विकास दुबे) : जिले की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करने को लेकर शुक्रवार को बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गोपालगंज में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में विद्यालयों की शैक्षणिक स्थिति, आधारभूत सुविधाएं, शिक्षक उपस्थिति, छात्रहित से जुड़ी योजनाएं एवं प्रशासनिक व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गयी. इस दौरान मंत्री ने अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए. बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकारी विद्यालयों में बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी स्कूलों में नियमित एवं समय पर पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए. शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय पहुंचें तथा बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो, इस पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया. मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का निर्देश
समीक्षा बैठक में विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं पर विशेष चर्चा हुई. मंत्री ने स्कूल भवन, बिजली, पेयजल, शौचालय, बाउंड्री वॉल, पहुंच पथ एवं साफ-सफाई की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराया जाए. उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलना चाहिए. बैठक में विद्यालयों में आइसीटी लैब, पुस्तकालय, खेल गतिविधियों एवं स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया. मॉडल स्कूलों के विकास तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ाने का निर्देश दिया गया. बैठक में शिक्षक स्थानांतरण नीति को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि नई स्थानांतरण नीति जल्द लागू की जाएगी. साथ ही शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर नियंत्रण रखने तथा आवश्यक आदेश सक्षम स्तर से जारी करने की बात कही गयी.
समय पर मिले पाठ्यपुस्तक व योजनाओं का लाभ
समीक्षा के दौरान पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की जानकारी ली गयी. मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी छात्र-छात्राओं तक समय पर पुस्तकें पहुंचाई जाएं. इसके अलावा मध्यान्ह भोजन योजना, छात्रवृत्ति, पोशाक योजना एवं अन्य छात्रहित से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गयी. उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर छात्रों तक पहुंचे तथा कार्यों में पूरी पारदर्शिता बनी रहे. मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी.
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को दिए नियमित स्कूल निरीक्षण के निर्देश
बैठक में जिला शिक्षा कार्यालय में सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने पर सहमति बनी. इसके माध्यम से आम लोगों एवं शिक्षकों को विभिन्न सेवाएं सरल एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करायी जाएंगी. टोल फ्री व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने तथा शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने पर भी चर्चा की गयी. शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अधिकारी स्कूलों में जाकर बच्चों की पढ़ाई, शिक्षकों की उपस्थिति एवं योजनाओं की स्थिति का जायजा लें, ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके. उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में बेहतर शिक्षा मिलने से गरीब एवं ग्रामीण परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा. मंत्री ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है और सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार, सभी संभाग के डीपीओ समेत शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
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