Gopalganj News : कम लागत में समय से हो बेहतर खेती, इसलिए यंत्रों पर सब्सिडी दे रही सरकार, किसान उठाएं लाभ : डीएम

Gopalganj News : मंगलवार को जिला कृषि कार्यालय के परिसर में दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला शुरू हो गया. इसी साथ ही परमिट पाये किसानों ने अनुदानित दर पर कृषि यंत्रों की खरीदारी शुरू कर दी है.

गोपालगंज. मंगलवार को जिला कृषि कार्यालय के परिसर में दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला शुरू हो गया. इसी साथ ही परमिट पाये किसानों ने अनुदानित दर पर कृषि यंत्रों की खरीदारी शुरू कर दी है. मेले में पहुंचे किसानों को यांत्रिकीकरण योजना समेत कृषि विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी गयी. यांत्रिकीकरण मेले का शुभारंभ जिला पदाधिकारी प्रशांत कुमार सीएच ने दीप प्रज्वलित कर किया.

जीरोटीलेज मशीन से खेती एक सराहनीय कदम

उद्घाटन सत्र में किसानों को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि बिहार सरकार के कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए कृषि यांत्रिकीकरण योजना लायी गयी, ताकि कम लागत में समय से खेती की जा सके. गोपालगंज जिले में भी किसानों द्वारा जीरोटीलेज मशीन से धान एवं गेहूं की खेती की जा रही है, जो एक सराहनीय कदम है.

75 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से लेकर 80 प्रतिशत तक अनुदान

वहीं डीएओ ललन कुमार सुमन ने बताया कि जलवायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से नये कृषि यंत्र जैसे हैप्पी सीडर , सुपर सीडर, जीरोटीलेज मशीन, स्ट्रॉ रिपर तथा स्ट्राॅ बेलर पर 80 प्रतिशत अनुदान के साथ ही 75 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से लेकर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. अनुमंडल कृषि पदाधिकारी विकास कुमार ने कहा कि मेले के माध्यम से किसानों को नयी तकनीकी के साथ-साथ सरकार द्वारा किसानों को दिये जा रहे अनुदान के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना भी इसका उद्देश्य है.

इसके अलावा जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक नवीन कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने किसानों को विभिन्न योजनाओं तथा अन्य जानकारियां दीं. मेले की शुरुआत होने के बाद परमिट पाये किसानों ने खरीदारी शुरू कर दी.

अब तक जारी हुए 2570 परमिट, 3.90 करोड़ दी गयी सब्सिडी

राज्य योजना कृषि यंत्रीकरण में 2183 परमिट निर्गत किये गये. इसके लिए दो करोड़ नौ लाख 82 हजार 800 रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ और इसमें संभावित उपलब्धि एक करोड़ 79 लाख 13 हजार 600 हो सकती है. वहीं सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाइजेशन (व्यक्तिगत यंत्र) के लिए कुल निर्गत परमिट 378 है जिसके लिए प्राप्त आवंटन दो करोड़ एक लाख 49 हजार, जिसमें संभावित उपलब्धि एक करोड़ 67 लाख 74 हजार हो सकती है. कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए कुल सात परमिट निर्गत हुए. इसके लिए प्राप्त आवंटन 28 लाख है और इसमें संभावित उपलब्धि 27 लाख 93 हजार रुपये की हो सकती है. कृषि यंत्र बैंक के लिए दो परमिट निर्गत हैं, जिसमें प्राप्त आवंटन 16 लाख है और संभावित उपलब्धि 16 लाख की संभावना है. इस प्रकार कुल निर्गत परमिट 2570 जिसके लिए प्राप्त आवंटन चार करोड़ 55 लाख 31 हजार 800 रुपये में कुल संभावित उपलब्धि तीन करोड़ 90 लाख 81 हजार 200 रुपये है.

अनुदानित दर पर किसानों को मिला बीज

जिले के सभी किसानों को शुद्ध प्रमाणित बीज प्राप्त हो सके इसके लिए 50 प्रतिशत अनुदानित दर पर जिला के लक्ष्य से अधिक प्रमाणित बीज लगभग 12000 क्विंटल का वितरण किया गया है. प्रमाणित बीज उत्पादन के लिए हथुआ अनुमंडल में 600 हेक्टेयर प्रक्षेत्र के लिए 600 क्विंटल आधार बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया गया है. गरमा 2024-25 में किसानों को मूंग, उरद, तिल, सूर्यमुखी एवं मूंगफली का बीज 80 प्रतिशत अनुदान पर वितरित किया जा रहा है. पोषक अनाज के तहत गरमा चीना एवं महुआ का प्रत्यक्षण प्रत्येक प्रखंड में 25 किसानों का क्लस्टर बनाकर खेती करायी जा रही है. बिहार सरकार द्वारा प्रत्यक्षण कार्यक्रम के चयनित किसानों को निःशुल्क बीज एवं उपादान उपलब्ध करायी जा रही है साथ ही प्रोत्साहन स्वरूप दो हजार नकद का भुगतान किया जायेगा.

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Author: GURUDUTT NATH

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